हनी ट्रैप मामले की जांच कर रहे TI को हटाया गया, एसआई ने भी बनाई दूरी

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इंदौर: इंदौर के एसएसपी ने हनी ट्रैप मामले की जांच में शामिल टीआई अजित सिंह बैस को हटा दिया है। बैस की जगह अब शशिकांत चौरसिया को पलासिया थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि एनडीपीएस एक्ट से जुडे एक मामले में उनके खिलाफ जांच चल रही थी। लेकिन सूत्रों की मानें तो हनी ट्रैप की धीमी जांच को लेकर बैस पर यह कार्रवाई की गई है। पलासिया थाना के ही एक एसआई ने घर जाने के लिए छुट्टी मांग ली है।

इम मामले में एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र का कहना है कि टीआई पर एक पुराने नारकोटिक्स के मामले की जांच समय पर नहीं करने के लिए कार्रवाई की गई है। वहीं टीआई बैस का कहना है कि वह जांच तो मैंने पहले ही पूरी करवा दी थी। मुझे हटाने का कारण कुछ और हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक टीआई बैस अफसरों की मंशा के अनुसार काम नहीं कर पाए। उनको जिस हिसाब से डायरी बनवाना थी, टीआई वैसी नहीं बना पा रहे थे। शुक्रवार को भी बैस तीनों आरोपियों के मेडिकल के बाद कोर्ट में कागज पेश करने मेंं काफी देरी कर चुके थे। पता चला है कि टीआई के लाइन जाते ही एसआई खड़िया को भी इस केस से दूरी बनाने को कह दिया है और जिम्मेदारी नए टीआई शशिकांत चौरसिया व सीएसपी ज्योति उमठ को सौंपी दी है। पलासिया थाने के एक एसआई खड़िया ने घर जाने के लिए छुट्टी मांग ली है। उनका कहना है कि जब तक हनी ट्रैप का मामला चल रहा है वह थाने से दूरी बनाकर रकेगा क्योंकि यहां काफी दबाव है।

बता दें कि शनिवार की दोपहर पुलिस के आला अधिकारी महिला थाने पहुंचे और आरोपियों से पुछताछ की। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी आरती दयाल और मोनिका यादव से 48 घंटे से ज्यादा की पूछताछ हो चुकी है।  पूछताछ में मोनिका यादव खुद को बेकसूर बता रही है। वहीं आरती ने कई राज उगले हैं। इधर, भोपाल से गिरफ्तार तीनों आरोपी युवतियां अभी जेल में हैं और इनकी जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है।