जांच में देरी से मिलावटखोरों की मौज, 2 माह में लिए 250 सैंपल सिर्फ 122 की रिपोर्ट आई

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भोपाल: खाद्य एवं औषधि विभाग की मिलावटखोरी के खिलाफ कार्रवाई केवल छापेमारी तक ही सीमित रह गई है। विभाग ने पिछले 2 महीनों के अंदर शहर से पनीर, दूध, मावा और दुध से बने उत्पादों के करीब 250 सैंपल लिए हैं। इन 250 सैंपल में से सिर्फ 122 सैंपल की रिपोर्ट जारी हो पाई है, जबकि 128 सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

वहीं सरकार द्धारा छेड़े गए इस अभियान में प्रतिदिन 5 से 6 खाद्य पदर्थों के सैंपल लिए जा रहै हैं। बावजूद पिछले 20 दिन से लैब से जांच रिपोर्ट जारी नही की गई है।स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने बीते दिनों अफसरों को आदेश दिया था कि वह 14 दिन में होने वाली जांच चार दिने में करके दें। मंत्री के निर्देश के बाद रिपोर्ट आने में 15 से 20 दिन का समय लग रहा है। मिलावटखोरों के खिलाफ शहर में 10 एफआईआर दर्ज हो चुकी है, जबकि तीन व्यापारियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की गई है।

सबोरो दूध के लिए सैंपल, डीके वर्मा
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके वर्मा ने बताया कि देवास जिले में सबोरो दूध के प्लांट से दो गाड़ियां सप्लाई के लिए यहां पर आती हैं। शिकायत मिली थी कि इस दूध में मिलावट की जा रही है। इसकी जांच के लिए दूध के वितरण केंद्रों का निरीक्षण किया गया। नूरमहल रोड, पीपुल्स मॉल के पास और लालघाटी स्थित डिस्ट्रीब्यूटर की जांच की गई। एक अन्य दल द्वारा रिपीट सैंपलिंग कर पनीर एवं दूध के सैंपल हमीदिया रोड स्थित डेरी से लिए गए।