भोपाल में कलेक्टर, DIG और अन्य वरिष्ठ अधिकारी कई दिनों से घर से अलग रहकर दे रहे काम को अंजाम

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कलेक्टर तरुण पिथोड़े और डीआईजी इरशाद वली के साथ-साथ प्रशासन और पुलिस के अन्य अधिकारी लगातार शहर की आम जनता को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इसके लिए 24 घंटे अपने को सक्रिय किए हुए हैं। वहीं इसके साथ ही परिवार के सदस्यों, बच्चों, माता-पिता को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी घर से दूर हो गए हैं।

ये अधिकारी 24 घंटे लगातार काम करने के कारण कई लोगों से संपर्क में आते हैं इससे यह खतरा बना रहता है कि कहीं कोई संक्रमण उनके साथ परिवार के लोगों तक ना पहुंच जाए। वहीं इससे बचाव के लिए रेस्ट हाउस, सर्किट हाउस, ऑफिसर मेस और होटल  में रहकर काम कर रहे हैं। वहीं से तैयार होते हैं और सीधे काम पर निकल जाते हैं। 24 घंटे की ड्यूटी के समय लगातार काम करने के कारण ये अधिकारी अपने परिवारों भी समय नहीं दे पा रहे हैं।

वहीं ये जाबांज अधिकारी समाज को बचाने के लिए हर मुसीबत का सामना कर रहे हैं। घर परिवार से दूर रहने के कारण केवल फोन पर ही परिवार के सदस्यों से चर्चा हो पा रही है। कई परिवारों के लोग, बच्चों से कई सप्ताहों से दूर हैं और लगातार मानव सेवा में लगे हुए हैं। पुलिस के जवान, नगर निगम के कर्मचारी सफाई योद्धा सभी लोग अपने अपने स्तर पर लगातार  लड़ाई लड़ रहे हैं और मोर्चा संभाले हुए हैं।

नगर निगम आयुक्त विजय दत्ता भी हर व्यवस्था की स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे है। इसके साथ ही अपर कलेक्टर, एसडीएम, एसपी, एडिशनल एसपी भी यही दिनचर्या अपनाए हुए हैं। परिवार के सदस्यों से दूर रहकर लगातार काम कर रहे हैं। ताकि उनके परिवार को संक्रमण की चिंता ना रहे। वे अपना पूरा समर्पण समाज, आम जनता और देश को दे पाएं। कलेक्टर ने अत्यावश्यक कार्यो में लगे सभी अमले से भी अपील की है कि वे भी अपने काम के साथ ही अपने परिवार की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।