एक्शन में भोपाल पुलिस, आधी रात को नशे के खिलाफ की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक

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भोपाल: राजधानी भोपाल में पुलिस ने इतवारा के दो मोहल्लों में बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात साढ़े तीन बजे नशा तस्करी पर अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी की। इस कार्रवाई की प्लानिंग दो दिन पहले तैयार कर ली गई थी। आईजी योगेश देशमुख, डीआईजी इरशाद वली के अलावा दबिश का स्ट्राइकिंग और लॉ एंड ऑर्डर प्लान केवल पांच अफसरों को पता थ
एक घंटे चली इस दबिश के दौरान 7 महिला, 24 पुरुषों को मादक पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 40 अलग-अलग टीमों ने 21 किलो 5 ग्राम गांजा, 900 ग्राम चरस, छह पेटी देशी शराब और 11 लाख 83 हजार 410 रुपए जब्त किए गए। ये मादक पदार्थ घर के अंदर टाइल्स के नीचे गड्ढे, अलमारी में कपड़ों केबीच छिपाकर रखा गया था।

प्रीप्लानिंग के तहत की कार्रवाई
पहले से तैयार प्लान के तहत शहर के चुनिंदा 250 पुलिसकर्मियों को पुलिस कंट्रोल रूम में बुलाया गया। दबिश कब और कहां देनी है, उन्हें ये पता नहीं बताया गया। रात करीब ढाई बजे पुलिसकर्मी कंट्रोल रूम पहुंचे। यहां चार सिक्स व्हीलर (अरेस्ट पार्टी) और 25 फोर व्हीलर पहले से तैयार थे। तय नामों के आधार पर पुलिसकर्मियों को उनके टास्क बता दिए गए थे। इंस्पेक्टर से नीचे स्तर के सभी पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन कंट्रोल रूम में जमा करवा लिए गए थे। वायरलेस सेट पर भी कोई मूवमेंट नहीं रखा गया।

40 इंस्पेक्टर्स ने 40 घरों पर एक साथ रात साढ़े तीन बजे दस्तक दी। जहां दरवाजा खुलने में देर हुई, वहां लाउड हैलर से सर्च का अनाउंसमेंट किया गया। दरवाजे खुलने के साथ ही टीम ने सचिंग शुरू कर दी। जब तक परिवार के सदस्य कुछ समझते, तब तक टीमों ने गांजा, शराब और चरस बटोरनी शुरू कर दी थी।

बता दें कि इतवारा के इन दो मोहल्लों से मादक पदार्थ बेचे जाने की सूचनाएं लंबे समय से अफसरों तक पहुंच रही थीं। इस स्ट्राईक में कोई उपद्रव न हो, इसके लिए अफसरों ने बैकअप प्लान भी तैयार किया था। पुलिस यहां एंबुलेंस साथ लेकर पहुंची थी। तमाम वाहन इतवारा में ही पार्क किए गए। इलाके को क्विक रिस्पांस फोर्स (क्यू आरएफ) और लॉ एंड ऑर्डर टीम ने घेरा हुआ था।