रेप व हत्या के आरोपी को मिली फांसी की सजा, मासूम के परिजनों को मिला न्याय

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होशगांबाद: पिपरिया में पांच वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म करने के बाद हत्या करने के दोषी को जिला अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। न्यायालय में सोमवार को आरोपी दीपक उर्फ नन्हू किरार को धारा 302 भादवि में मृत्युदण्ड, 376-AB भादवि में शेष प्राकृतिक जीवन तक आजीवन कारावास, धारा 363 में 3 वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 366 में 5 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 201 भादवि में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया। फैसला सुनाने के दौरान जज ने कहा कि दोषी ने बेहद घिनौना अपराध किया है।

जानकारी के अनुसार, पिछले साल 30 अक्तूबर को दोषी दीपक किरार बच्ची को साइकिल पर बैठाकर साथ ले गया था। इसके बाद ट्रेन से वह बुरहानपुर पहुंचा, जहां उसने बच्ची से दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं दुष्कर्म के बाद किरार ने बच्ची की हत्या की और शव झाड़ियों में फेंक दिया था। जब किरार बच्ची को साइकिल से ले जा रहा था तो बच्ची के साढ़े चार साल के भाई ने उसे जाते देखा था। पुलिस ने सुनवाई के दौरान उसे पहला गवाह बनाया था।

न्यायाधीश केएन सिंह ने सजा सुनाने से पहले दोषी दीपक से कहा कि आज तुम्हारी सजा का दिन है। इसपर वह कुछ बोला नहीं और जज की ओर देखता रहा। मामले में 22 जुलाई को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। जज ने 98 पन्नों का फैसला 10 मनट में सुनाया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत के सामने 32 गवाह पेश किए थे।