लोकसभा चुनाव के बाद शरद पवार गुट कांग्रेस में होगा शामिल, शिवसेना उद्धव गुट का क्या होगा?

पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने लोकसभा चुनाव के बाद एनसीपी शरद गुट का कांग्रेस में विलय होने की बात कहकर नई राजनीतिक बहस शुरू दी है. शरद पवार ने ये भी कहा कि ना केवल उनकी एनसीपी बल्कि चुनाव के बाद कई क्षेत्रीय पार्टियों का कांग्रेस में विलय हो सकता है. शरद पवार के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कोई भी क्षेत्रीय दल कांग्रेस में शामिल होगा या नहीं, यह लोकसभा चुनाव के नतीजे पर निर्भर करेगा. वहीं प्रदेश के डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने भी पूरे मामले पर तंज कसा है.

पृथ्वीराज चव्हाण ने ये भी बताया कि शरद पवार से उनकी आखिरी मुलाकात सतारा में हुई थी. वहां शरद पवार ने जो इंटरव्यू दिया था, उस वक्त मैं भी मौजूद था. उन्होंने कहा था- कांग्रेस और एनसीपी के बीच कोई मतभेद नहीं है. कांग्रेस से हमारा कोई वैचारिक मतभेद नहीं है. शरद पवार ने भी कहा था- पार्टी के विलय का फैसला सहयोगियों से पूछकर लिया जाएगा. लेकिन मुझे लगता है बहुत कुछ चुनाव के नतीजे पर निर्भर करेगा.

चुनाव के बाद बदलाव के संकेत

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि शरद पवार ने इसके पहले भी संकेत दिए थे. उन्होंने कहा कि इस लोकसभा चुनाव के बाद यही होनेवाला है, वो अपनी पार्टी कांग्रेस में विलीन कर देंगे. तो वहीं महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि कांग्रेस गंगा जैसी है, निरंतर बहती है, इसका निर्णय हाईकमान लेगा. उन्होंने ये भी कहा कि मोदी सरकार की वापसी नहीं होने वाली. उन्होंने कहा कि जो दबाव में भटक गए थे वे कांग्रेस में वापस शामिल होंगे. शरद पवार बड़े नेता हैं वो कांग्रेस में शामिल होंगे तो कांग्रेस को फायदा होगा.

शिवसेना शिंदे गुट ने कसा तंज

उधर शरद पवार के बयान पर शिवसेना शिंदे गुट की प्रवक्ता सुशीबेन शाह ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि शरद पवार ने कांग्रेस में विलय करने की तैयारी शुरू कर दी है तो इसी के साथ उद्धव गुट की शिवसेना को भी कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उद्धव शिवसेना ने बालासाहेब ठाकरे के विचारों का साथ छोड़ दिया है. अब कांग्रेस की विचारधारा स्वीकार कर ली है.

हाल ही में शिवसेना शिंदे गुट में शामिल हुए संजय निरुपम ने कहा कि कांग्रेस ने शरद पवार को यह प्रस्ताव काफी पहले दिया था. पेंच बेटी को लेकर फंसा था. संजय निरुपम का कहना है शरद पवार ने अपनी बेटी को महाराष्ट्र में कॉंग्रेस का नेतृत्व सौंपने का आग्रह किया था, जिसे कॉंग्रेस ने ठुकरा दिया था. अब हालात बदल गए हैं, पार्टी बिखर गई है. अगर ऐसा न भी हो तो भी कॉंग्रेस में विलीन होने के सिवा कोई चारा नहीं बचा.

देश का मूड मोदी के खिलाफ-पवार

शरद पवार ने ये भी कहा कि उद्धव ठाकरे की सोच और विचारधारा भी हमारे जैसों की तरह है. हम समान विचारधारा वाले लोग हैं. साथ मिलकर काम करते रहेंगे. शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुए कहा कि आज की तारीख में राजनीतिक दलों में बहुत से ऐसे लोग हैं जो उनको पसंद नहीं करते. देश का मूड उनके खिलाफ है. शरद पवार ने कहा कि इस बार का चुनाव पिछले दोनों लोकसभा चुनावों से अलग है. इस बार युवा वर्ग विपक्ष के साथ है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.