एयर इंडिया की फ्लाइट में उपद्रवी एक यात्री को सीट से हाथ-पैर बांधकर लगाया इंजेक्शन

मुंबई । आजकल फ्लाइट में अक्सर कोई न कोई घटना सामने आ रही है। लंदन से मुंबई आने वाली एयर इंडिया के फ्लाइट में उपद्रव कर रहे यात्री को सीट से बांधकर एंटी-एंजाइटी इंजेक्शन देना पड़ गया। रत्नाकर द्विवेदी नाम के इंडो-अमेरिकन यात्री के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मुंबई एयरपोर्ट पर उसे सुरक्षा अधिकारियों के हवाले किया गया था। फिलहाल, कोर्ट ने उसे जाने की इजाजत दे दी थी और दोबारा अदालत में पेश होने के लिए कहा गया था।

द्विवेदी ने पुलिस को बताया कि वह सिंगिंग में अपना भविष्य बनाने के लिए मुंबई आया है। पुलिस ने उससे गाना गाने को कहा तो वह कहने लगा कि वह रैपर बनने की ट्रेनिंग ले रहा है। सीनियर केबिन क्रू शिल्पा मिश्रा ने अपनी शिकायत में कहा है कि एयर इंडिया एआई-130 के विमान ने लंदन से रात में 10 बजे उड़ान भरी थी। यात्री सीट नंबर 26बी पर बैठा था। थोड़ी ही देर में वह वॉशरूम गया। इसके बाद फायर अलार्म बजने लगा। जब वॉशरूम का दरवाजा खोला गया तो पता चला कि द्विवेदी लाइटर और सिगरेट लेकर खड़ा था। क्रू ने जब उससे स्मोकिंग बंद करने को कहा तो वह गाली देने लगा। पायलट कैप्टन संजय यादव ने कहा कि क्रू ने उसे कई बार चेतावनी दी, लेकिन वह थोड़ी देर चुप रहा और फिर एयरक्राफ्ट के इमर्जेंसी एग्जिट के पास पहुंचकर दरवाजा खोलने की कोशिश करने लगा। लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने एक यात्री को लात मार दी और गालियां बकने लगा। इसके बाद क्रू जबरदस्ती उसे उसकी सीट पर ले गए।

एक क्रू मेंबर ने बताया कि वहां मौजूद एक डॉक्टर ने उसके बारे में पता किया। द्विवेदी ने डॉक्टर को बताया कि वह दवाओं पर चल रहा है। हालांकि, जब उसका बैग चेक किया गया तो कोई दवाई नहीं मिली, बल्कि ई-सिगरेट मिली। इसके बाद डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन दिया। जब फिर भी वह शांत नहीं हुआ तो उसके हाथ पैर सीट में बांध दिए गए। द्विवेदी ने कहा कि उसके हाथ से ई-सिगरेट छीन ली गई थी, इसीलिए वह आपे से बाहर हो गया था। पुलिस को संदेह है कि वह निकोटीन अडिक्ट हो सकता है। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि मुंबई पहुंचने पर आरोपी यात्री को सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया गया था। बता दें कि हाल ही में 24 साल की एक महिला को कोलकाता से बेंगलुरु की फ्लाइट में स्मोकिंग के लिए गिरफ्तार किया गया था। उसे बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.