‘झुकेगा नहीं…’ ये डायलॉग है अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘पुष्पा’ का जिसका सीक्वल गुरुवार को रिलीज हो चुका है. ये डायलॉग अब सिर्फ फिल्मी पर्दे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि भारत के शेयर बाजार पर भी सटीक बैठता है. तभी तो बार-बार कई झटके खाने के बावजूद ये फिर से नई ऊंचाई पर पहुंच जाता है. भारतीय शेयर बाजार को भारी गोता लगाए अभी महीनाभर भी नहीं हुआ है और गुरुवार को फिर इसने एक लंबी छलांग मारी है. शेयर बाजार का ये आलम तब है जब एक तरफ उसे कमजोर जीडीपी और दूसरी तिमाही में भारतीय कंपनियों की घटती कमाई जैसे दो बड़े झटके लगे हैं.
गुरुवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के इंडेक्स सेंसेक्स में 800 अंक से ज्यादा की तेजी देखी गई. जबकि पूरे दिन में इसने अपने लोअर लेवल से हाई लेवल के बीच 1,800 अंक से ज्यादा का उतार-चढ़ाव देखा. अगर बात पिछले 5 कारोबारी दिनों की करें, तो सेंसेक्स में 3.44 फीसदी यानी 2,722.12 अंकों की बढ़ोतरी हो चुकी है.जबकि देश की जीडीपी ग्रोथ रेट इस समय 6 प्रतिशत से नीचे पहुंच चुकी है, जो इसका बीते दो साल का सबसे निचला स्तर है.
बीते 5 कारोबारी दिनों में जिस तरह से शेयर ने शांति के साथ तेजी बनाए रखी, उसने दिखा दिया कि देश का शेयर बाजार यानी सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में ऐसे झटकों को झेलने की पूरी ताकत है. आइए आपको भी आंकड़ों के सहारे से समझाने की कोशिश करते हैं कि आखिर शेयर बाजार में किस तरह की तेजी देखने को मिली है.
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