यूपी गेट पर भिड़े राकेश टिकैत के करीबी, एक ने कहा- नहीं रह सकती एक म्यान में दो तलवार

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नई दिल्ली। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर के चारों बार्डर (सिंघु, शाहजहांपर, टिकरी और गाजीपुर) पर जारी किसानों के प्रदर्शन को आगामी 28 अगस्त को 9 महीने पूरे हो जाएंगे। चारों बॉर्डर पर धरनारत किसान तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग नहीं मान ली जाती है, वे यहां से टस से मस नहीं होंगे। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait, national spokesperson of Bharatiya Kisan Union) के करीबी शमशेर राणा ने अपने ही संगठन के नेता धर्मेंद्र मलिक पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उधर, लिखित शिकायत मिलने पर गाजियाबाद पुलिस ने शमशेर राणा की तहरीर स्वीकार कर ली है। पूरा मामला 14 अगस्त की शाम का है, जब किसानों द्वारा तिरंगा यात्रा निकाई गई थी

शमशेर राणा और धर्मेंद्र मलिक दोनों राकेश टिकैत के करीबी

आरोपों के मुताबिक, एक पक्ष ने दूसरे पक्ष से यहां तक कह दिया है कि एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकती है। इसे यूपी गेट पर जुटे किसानों के बीच बड़ी फूट के तौर पर देखा जा रहा है। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि शमशेर राणा और धर्मेंद्र मलिक दोनों ही भाकियू नेता राकेश टिकैत के करीबी हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद के थाना कौशाम्बी में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रेस प्रभारी शमशेर राणा ने अपने ही संगठन के धर्मेंद्र मलिक के खिलाफ रिपोर्ट लिखने के लिए तहरीर दी है जो स्वीकार कर ली गई है। शमशेर राणा का कहना है कि धर्मेंद्र मलिक ने उन्हें जान से मारने की धमकी है। यह चौथी बार है जब धर्मेंद्र मलिक की ओर से उन्हें जान से मारने और अपशब्द सुनने को मिले हैं।

शमशेर राणा का कहना है कि पिछले कई दशकों से भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय प्रेस प्रभारी पद पर निस्वार्थ बड़ी शिद्दत से अवैतनिक सेवाएं दे रहे हैंय़ इसके साथ ही वह फिलहाल यूपी गेट पर पिछले 8 महीने से भी अधिक समय डटे हैं। शमशेर राणा के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या 14 अगस्त को भी यहां तिरंगा मार्च निकाला जा रहा था। इस दौरान धर्मेंद्र मलिक ने अपने साथियों के साथ आकर  कटु शब्दों का प्रयोग किया तथा धक्का-मुक्की हाथापाई शुरू कर दी। इस दौरान जान से मारने की धमकी भी दी।

इसके साथ शमशेर राणा का आरोप है कि धर्मेंद्र मलिक ने उन्हें मारने की नीयत से भण्डारे की पर्दे की दीवार के पीछे ले जाने की कोशिश की, लेकिन काफी लोगों के होने के कारण वह बच गए।

शमशेर राणा का कहना है कि धर्मेंद्र मलिक ने 14 अगस्त की शाम को एक प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी को भी अपने साथियों को भेज कर बुलवा लिया। उनके सामने मुझे फिर से अपनी ईर्ष्या मिश्रित बातों के साथ फिर के धमकी गई दी गई।  कहा कि एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकती हैं।

आंदोलन के नौ महीने पूरे होने पर 26 अगस्त को प्रदर्शन

उधर, रेवाड़ी में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले 26 अगस्त को रेवाड़ी में प्रदर्शन होगा। इस संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा के विभिन्न घटक संगठनों के कोर कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया। शहर के नेहरू पार्क में आयोजित बैठक में आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन, भारतीय किसान यूनियन चढुनी, जय किसान आंदोलन, भारतीय किसान यूनियन टिकैत की कोर कमेटी के प्रतिनिधियों की कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में निर्णय लिया गया। इसमें कोर कमेटी के सदस्य समय सिंह, अशोक कुमार मूसेपुर, मास्टर धर्म सिंह, अभय सिह, राजपाल ने हिस्सा लिया।

उधर, एक अन्य घटनाक्रम में मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में किसान इंटर कॉलेज खरड़ गांव में गठवाला खाप की बैठक में वक्ताओं ने भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के बयान की निंदा की है। इस बाबत गठवाला खाप के बाबा राजेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें असामाजिक बयान नहीं देना चाहिए। दस दिन के अंदर नरेश टिकैत ने अपना असामाजिक बयान वापस नहीं लिया तो गठवाला खाप उनका कोई सहयोग नहीं करेगी। गाजीपुर बॉर्डर धरने पर और पांच सितंबर की महापंचायत में गठवाला खाप के लोग नहीं जाएंगे।