गंभीर ने बता दिया बुमराह की जगह कौन होगा टीम इंडिया का ‘हथियार’, पाकिस्तान क्या किसी को सांस तक नहीं लेने देगा?
इंग्लैंड से वनडे सीरीज खत्म हो चुकी हैं और अब सारी निगाहें चैंपियंस ट्रॉफी पर है, जहां टीम इंडिया अपने अभियान का आगाज 20 फरवरी से करने वाली है. भारत के सामने सबसे बड़ी चिंता ये है कि जसप्रीत बुमराह टीम के साथ नहीं हैं. उन्हें लोअर बैक इंजरी के चलते चैंपियंस ट्रॉफी की टीम से बाहर होना पड़ा है. अब सवाल ये है कि बुमराह की जगह लेगा कौन? उनकी जगह पेस अटैक पर मोर्चा संभालेगा कौन? कौन बनेगा टीम इंडिया का उनके जैसा मारक हथियार? हेड कोच गौतम गंभीर इन सवालों के जवाब ढूंढ़कर लाए हैं. उन्होंने उस खिलाड़ी का नाम बताया है जो टीम इंडिया के लिए बुमराह वाला काम कर सकता है. उनके जैसा पाकिस्तान को बेचैन और बाकी टीमों में खौफ पैदा कर सकता है.
बुमराह नहीं, शमी तो हैं- गंभीर
अब सवाल ये है कि बुमराह जैसा मारक हथियार बनने की क्षमता रखने वाला गेंदबाज है कौन? गौतम गंभीर के मुताबिक चैंपियंस ट्रॉफी में वो काम मोहम्मद शमी बखूबी कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि बुमराह का ना होना वर्ल्ड क्लास बॉलर शमी के लिए एक चुनौती की तरह है, जिस पर वो खरे उतरना चाहेंगे. गंभीर ने हालांकि बाकी गेंदबाजों के लिए भी इसे एक बड़ा मौका बताया.
जसप्रीत बुमराह लोअर बैक इंजरी के चलते टूर्नामेंट से बाहर हुए हैं. चैंपियंस ट्रॉफी से बुमराह के बाहर होते ही क्रिकेट महकमें में भारत के चैंपियंस ट्रॉफी जीतने की उम्मीदों को भी झटका लगा है. कई क्रिकेट पंडितों ने बुमराह के बगैर भारत की जीत की उम्मीदों में गिरावट दर्ज की है. जाहिर है कि ऐसे बयान टीम इंडिया के कानों तक भी पहुंचे होंगे, जिसे वो अपने खेल से करारा जवाब देना चाहेंगे.
बुमराह का नहीं होना सारे गेंदबाजों के लिए मौका- गंभीर
गौतम गंभीर ने भी माना कि बुमराह हमारी टीम के सबसे महत्वपूर्ण सदस्य थे. लेकिन, अगर वो फिट नहीं तो हम कुछ नहीं कर सकते. गंभीर ने आगे कहा कि टीम में दूसरे गेंदबाज भी हैं, जिनके पास बुमराह के खाली जगह को भरने का मौका रहेगा. उम्मीद है कि वो इस मौके को लपककर देश का नाम रोशन करने की कोशिश करेंगे.
शमी ‘वर्ल्ड क्लास’ बॉलर, कर सकते हैं कमाल
गंभीर ने शमी को लेकर खासतौर पर बयान दिया. उन्होंने कहा कि शमी वर्ल्ड क्लास बॉलर हैं. इंजरी के बाद फिट होकर उनका लौटना टीम के लिए बूस्ट अप है. हमें उनके अनुभव, उनकी क्षमता और काबिलियत पर पूरा भरोसा है. हम जानते हैं कि जब उनके हाथ में गेंद होगी वो क्या कर सकते हैं. हम चाहते हैं कि वो चैंपियंस ट्रॉफी में तरोताजा होकर उतरें. यही वजह है कि इंजरी से उनकी वापसी के बाद हमने उनके वर्कलोड का भी ख्याल रखा. इंग्लैंड के खिलाफ 8 मैचों की व्हाइट बॉल सीरीज में शमी ने बस 2 T20 और 2 वनडे खेले.
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