सीजफायर की उम्मीदों पर फिरा पानी, रमजान के पहले ही दिन गाजा में 67 फिलीस्तीनियों की मौत

गाजा में रमजान के अवसर पर युद्ध विराम की धराशायी हुई उम्मीदों के बीच पिछले 24 घंटे में इजराइली हमलों के कारण कम से कम 67 लोगों की मौत हो गई और इसी के साथ फलस्तीन में जारी युद्ध में अब तक मारे गए फलस्तीनियों की संख्या बढ़कर 31,112 से अधिक हो गई है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। युद्ध समाप्त होने के कोई आसार नजर नहीं आने के बीच, गाजा में फिलीस्तीनियों ने सोमवार से रमजान का महीना शुरू होने पर रोजा रखना शुरू किया। फिलीस्तीन में इजराइली हमलों के कारण मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है।

अमेरिका, कतर और मिस्र को उम्मीद थी कि रमजान से पहले युद्ध विराम समझौता हो जाएगा जिसके तहत इजराइली बंधकों और फलस्तीनी कैदियों की अदला-बदली संभव हो सकेगी और गाजा में मानवीय मदद पहुंचाई जा सकेगी, लेकिन इस समझौते को लेकर वार्ता पिछले सप्ताह रुक गई। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बतया कि इजराइली हमलों में मारे गए 67 लोगों के शव पिछले 24 घंटों में अस्पतालों में लाए गए और इसी के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से मारे गए फलस्तीनियों की संख्या बढ़कर 31,112 से अधिक हो गई है।

मंत्रालय अपनी गणना में यह नहीं बताता कि कितने आम नागरिक मारे गए हैं और कितने लड़ाकों की मौत हुई है, लेकिन उसने बताया कि मृतकों में दो-तिहाई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादियों ने दक्षिणी इजराइल पर सात अक्टूबर, 2023 को हमला कर दिया था जिसमें करीब 1,200 लोगों की मौत हो गई थी और उसने 250 लोगों को बंधक बना लिया था। हमास की कैद में अब भी करीब 100 बंधकों के होने का अनुमान है। हमास के हमले के बाद इजराइल ने भी जवाबी कार्रवाई की जिसके कारण युद्ध शुरू हो गया। इस युद्ध के कारण गाजा के 23 लाख लोगों में से लगभग 80 प्रतिशत बेघर हो गए हैं।

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