सीएम ने फिर की घोषणा, संस्कृति विभाग अब फायनल करेगा डिजायन

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ग्वालियर। देश के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की याद में ग्वालियर में उनकी यादें सहेजने के लिए भव्य अटल स्मारक बनेगा। उनकी तीसरी पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को दोबारा अटल स्मारक बनाए जाने की घोषणा की। इस घोषण के बाद से अब अटल स्मारक को लेकर हलचल बढ़़ गई है। सोमवार को ही इस संबंध में जिला प्रशासन ने भोपाल में संस्कृति विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। भव्य अटल स्मारक का पूरा प्लान संस्कृति विभाग ही तैयार करेगा। अटल स्मारक के लिए सिरोल पहाड़़ी ही सबसे मुफीद स्थान माना गया है, जहां 10 एकड़़ के आवंटन का प्रस्ताव अब जल्द तैयार किया जा सकता है।

ज्ञात रहे कि उपचुनाव के दौरान सबसे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर में ही एक मंच से ग्वालियर में अटल स्मारक बनाए जाने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफं्रेसिंग के जरिए संस्कृति विभाग और ग्वालियर के अफसरों की बैठक ली थी। बैठक में मिले दिशा निर्देशों के आधार पर संस्कृति विभाग के अफसरों ने ग्वालियर आकर आठ स्थानों को देखा था। अटल स्मारक के लिए 10 एकड़़ जमीन निर्धारित की गई है। जिसमें अलग-अलग लोकेशन ग्वालियर के अफसरों ने दिखाईं और सिरोल पहाड़़ी सबसे ज्यादा पसंद

एक ही जगह जानेंगे-कैसे थे हमारे अटल जी: अटल स्मारक का प्रस्ताव इस तरह का तैयार किया जा रहा है, जिसमें एक ही स्थान पर लोग यह जान सकें कि हमारे अटल जी कैसे थे। इस परिकल्पना के साथ संस्कृति विभाग इस प्रस्ताव पर काम कर रहा है। संस्कृति विभाग के अनुसार इस प्रस्ताव को इस तरह बनाया जा रहा है कि लोग यहां विजिट करने के बाद इस स्मारक से जुड़़ें और उन्हें याद रहे कि वे अटल स्मारक देखकर आए हैं। इसमें अटलजी की प्रतिमा से लेकर पार्क, बागवानी और संग्रहालय भी तैयार किया जाएगा।

अटलजी राजनीति के स्तंभ और देश का गौरव थे: सांसद

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर सांसद विवेक शेजवलकर व जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी ने सोमवार को कमल सिंह के बाग स्थित पुश्तैनी निवास पर उनके चित्र पर श्रद्घासुमन अर्पित किए। सांसद ने इस मौके पर कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी देश की राजनीति के प्रमुख स्तंभ और देश का गौरव थे। पूर्व प्रधानमंत्री की यादें शहर से जुड़ी हैं। हम लोगों को अटलजी के साथ काम करने का मौका मिला यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। गांवों को सड़क मार्ग से जोड़कर पूर्व प्रधानमंत्री ने विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। पूर्व प्रधानमंत्री की यादों को चिरस्थाई बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सांसद के अलावा वेदप्रकाश शर्मा, पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, अशोक शर्मा, दीपक शर्मा, केसी सिंह राजपूत आदि कार्यकर्ताओं ने श्रद्घासुमन अर्पित किए।

भव्य अटल स्मारक को लेकर प्रस्ताव है, जिस पर संस्कृति विभाग कार्य कर रहा है। इसका डिजायन विभाग ही तैयार करेगा। सिरोल पहाड़़ी अभी तक सबसे उचित स्थान बतौर चिŸित किया गया है। हम संस्कृति विभाग के अफसरों से संपर्क में हैं।

कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर