सिवनी
सिवनी में गणपति बप्पा की धूम: घरों और पंडालों में विराजे विघ्नहर्ता, भक्तिमय माहौल

राष्ट्र चंडिका न्यूज़,सिवनी। गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर सिवनी शहर में भक्ति और उत्साह की लहर दौड़ पड़ी है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के शुभ मुहूर्त पर, हर गली और हर मोहल्ले में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंज उठे, और इसी के साथ शहर के घरों और सार्वजनिक पंडालों में विघ्नहर्ता भगवान गणेश की प्रतिमाएं विधि-विधान के साथ स्थापित की गईं। पूरे क्षेत्र में एक भक्तिमय और उत्सवपूर्ण माहौल बन गया है।
घरों में भी विराजित हुए बप्पा
सार्वजनिक पंडालों के साथ-साथ, अनेक घरों में भी पारंपरिक तरीके से गणेश जी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। छोटे-बड़े सभी परिवार इस उत्सव को मनाने में जुटे हुए हैं। परिवार के सदस्य मिलकर पूजा-अर्चना और आरती कर रहे हैं, जिससे एक अलग ही आध्यात्मिक और पारिवारिक माहौल देखने को मिल रहा है। बच्चे और बुजुर्ग समान रूप से बप्पा के स्वागत और सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

पंडालों में भव्यता और भक्तों का उत्साह
इस वर्ष भी विभिन्न गणेश उत्सव समितियों द्वारा शहर में भव्य और आकर्षक पंडाल सजाए गए हैं। ये पंडाल अपनी अनूठी थीम और मनमोहक सजावट के लिए जाने जाते हैं। कहीं पौराणिक कथाओं पर आधारित झांकियां बनाई गई हैं, तो कहीं सामाजिक संदेश देती कलाकृतियाँ पंडालों की शोभा बढ़ा रही हैं। सुबह से ही इन पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जो बप्पा के दर्शन और आरती के लिए कतार में खड़े हैं। पंडालों में रोजाना सुबह-शाम होने वाली आरती, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का सिलसिला भी शुरू हो गया है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस उत्सव में अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहा है।
घरों में पारंपरिक पूजा-अर्चना का माहौल

गणेशोत्सव: एकता और भाईचारे का प्रतीक
यह दस दिवसीय गणेशोत्सव भक्ति, कला और संस्कृति का संगम है, जो शहर के लोगों को एक साथ लाता है और उनमें एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है। भगवान गणेश को विद्या और बुद्धि का देवता माना जाता है, और उनकी स्थापना से लोगों में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है। इस संबंध में, स्थानीय निवासी सुरेश शर्मा ने कहा, “यह सिर्फ एक त्योहार नहीं है, बल्कि एक ऐसा अवसर है जब हम सब एक साथ मिलकर खुशी मनाते हैं और अपनी परंपराओं को जीवंत रखते हैं।”
आने वाले दिनों में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होंगे, जिसमें भजन संध्या, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं शामिल हैं।