आखिर कांग्रेस को स्थानीय स्तर के मामलों से परहेज क्यों दिख रहा है!

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स्थानीय स्तर पर भाजपा को घेरने में पूरी तरह नाकाम ही दिख रही कांग्रेस! कुछ कांग्रेसी नेताओं के गिरोह बनाकर ब्लेकमेलिंग करने की इबारत है चर्चाओं में
राष्ट्र चंडिका,सिवनी। किसी ने बहुत ही खूब कहा है कि विपक्ष अगर मौन हो जाएगा तो सत्ताधारी निरंकुश हो जाएंगे। सिवनी में कमोबेश यही होता दिख रहा है। भाजपा जब विपक्ष में रहती है तो वह सत्ताधारी कांग्रेस को स्थानीय स्तर के मामलों में आईना दिखाने से गुरेज ही करती है, वहीं कांग्रेस अगर विपक्ष में रहती है तो वह स्थानीय मामलों से किनारा ही करती नजर आती है।
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ जब केंद्र में नगरीय विकास मंत्री थे, उस समय उनके द्वारा सिवनी को सौ करोड़ रूपए की सौगात दी थी। इस सौ करोड़ की राशि का प्रदेश की भाजपा सरकार एवं सिवनी के स्थानीय निकायों विशेषकर नगर पालिका सिवनी के द्वारा क्या उपयोग किया गया इस बारे में कांग्रेस पूरी तरह खामोश ही रही।
बात अगर नगर पालिका परिषद की की जाए तो भाजपा शासित नगर पालिक परिषद के द्वारा सिवनी में माडल रोड में भ्रष्टाचार किसी से छिपा नहीं है। सिवनी में जलावर्धन योजना पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। बाग बगीचों को तरसने वाले सिवनी शहर से बाग बगीचे नदारत हैं।
जगतगरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के नाम पर बबरिया तालाब के पास बना शंकराचार्य पार्क भी करोड़ों रूपए लील चुका है। सिवनी में बनने वाले प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान नगर पालिका सीमा से बाहर कंडीपार गांव में बनने लगे तब भी कांग्रेस ने इस पर कड़ा एतराज व्यक्त नहीं किया कि सिवनी शहर के मतदाताओं को ग्रामीण मतदाता कैसे बनाया जा रहा है।
सिवनी की माडल रोड आज भी बीरबल की खिचड़ी बनी हुई है। लगभग दस साल बाद भी यह पूरी नहीं हो पाई है और इसके कुछ हिस्सों को पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया है। इसी तरह नवीन जलावर्धन योजना पर भी कांग्रेस पूरी तरह मौन ही साधे हुए है।
लोगों का कहना है कि कांग्रेस इन सारी बातों पर सिर्फ विज्ञप्ति जारी कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है पर प्रदेश में जब कांग्रेस की सरकार आई तब जिला कांग्रेस अथवा नगर कांग्रेस के द्वारा इस मामले में अपने भिचे जबड़े खोलने की जहमत भी नहीं उठाई गई।
वर्तमान में नगर पालिका परिषद पर कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस की परिषद सत्तारूढ़ हुए पर्याप्त समय बीत जाने के बाद भी अब तक न तो माडल रोड की जांच आरंभ हुई न ही जलावर्धन योजना के बारे में ही जनता से किसी तरह की कोई बात पूछी गई। यहां तक कि जलावर्धन योजना के संबंध में सीएम हेल्प लाईन में की जाने वाली शिकायतों को संदिग्ध तरीके से बंद भी कांग्रेस की नगर पालिका परिषद के द्वारा किया जा रहा है।
इतना ही नहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 05 नवंबर को सिवनी आए। उस दौरान अंग्रेजों के जमाने का धोबी टांका मिट्टी से भर दिया गया। रजक समाज में इसे लेकर जमकर रोष और असंतोष रहा किन्तु कांग्रेस के द्वारा इस मसले में भी मौन ही साधे रखा गया।
कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ एक नहीं सैकड़ों मुद्दे और मौके मिलने के बाद भी कांग्रेस के द्वारा जिला स्तर के मामलों में जिस तरह की कार्यप्रणाली अथवा नीति अपनाई जा रही है वह शोध का ही विषय मानी जा सकती है। लोग इस बात के निहितार्थ निकालते दिख रहे हैं कि आखिर क्या वजह है कि कांग्रेस स्थानीय स्तर के मामलों में भाजपा के खिलाफ बोलने का साहस नहीं कर पा रही है।
इसी तरह सिवनी के भाजपा के विधायक दिनेश राय के द्वारा सार्वजनिक तौर पर जिला कांग्रेस भवन के बनने में शिक्षकों और सफाई कर्मियों के तबादलों से एकत्र पैसे से बनाने के आरोप लगभग दो साल पहले लगाए जाने के बाद भी जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा विधायक दिनेश राय के उक्त संगीन आरोप का जवाब देना भी मुनासिब नहीं समझा, जिसके बाद लोग तरह तरह की चर्चाएं कर रहे हों तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए . . .
किसने बनाया गिरोह! कौन कर रहा ब्लैकमेलिंग!
सोशल मीडिया पर कांग्रेस के कुछ नेताओं की आईडी पर एक ही इबारत लिखी गई है, जो वायरल होती दिख रही है। नेताओं की सोशल मीडिया आईडी पर ‘आज कल गिरोह बनाकर सिवनी में ब्लैकमेलिंग का काम शुरू किया गया है। जनता को सावधान रहना होगा . . .‘ लिखा गया है।
लोग असमंजस में हैं कि यह बात किसके लिए लिखी गई है। किसने गिरोह बनाया है और कौन है जो गिरोह बनाकर ब्लैकमेल कर रहा है! लोगों का कहना है कि कांग्रेस विपक्ष में भले ही बैठी है पर इस तरह की इबारत लिखने के बजाए अगर कांग्रेस के नेताओं के द्वारा पूरे मामले को पुलिस को सौंप दिया जाता ताकि जनता इस तरह के गिरोह और उसकी ब्लैकमेलिंग से बच जाती। किन्तु नेताओं के द्वारा इस तरह की कोई कवायद किए जाने के बजाए सोशल मीडिया पर इबारत लिख दी गई है। कांग्रेस के नेताओं के द्वारा लिखी गई इबारत के लोग अलग अलग मतलब भी निकालते नजर आ रहे हैं।