रतलाम गैंगरेप मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, होटल को किया सील, संचालक गिरफ्तार

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रतलाम: नाबालिग छात्रा के साथ हुए गैंगरेप मामले में स्टेशन रोड स्थित होटल आशीर्वाद भी सुर्खियों में है। आक्रोशित लोग होटल मालिक कांग्रेस नेता पर भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह होटल किराए पर लेकर प्रताप नगर निवासी प्रदीप अग्रवाल जून 2019 से संचालित कर रहा है। जिसके चलते पुलिस ने प्रदीप अग्रवाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में कई गम्भीर तथ्य सामने आये हैं। इन तथ्यों पर पुलिस भी यह मानने लगी है कि होटल आशीर्वाद अनैतिक कृत्यों का अड्डा बन गई है। यहां आर्थिक लाभ लेने की नियत से इस तरह के कृत्यों का संचालन किया जा रहा था। जिनमें कई लोगों की भूमिका संदिध है। वहीं पुलिस ने 4 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब तक इस मामले में 7 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस ने होटल को सील कर दिया है।

वहीं SP गौरव तिवारी ने पुलिस कंट्रोल रूम मामले का खुलासा करते हुए कहा कि ‘पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि मामला साधारण धारा 376 और पास्को एक्ट का नहीं है। इसके पीछे कई अन्य लोग हैं। जिनकी मिलीभगत और लापरवाही से ऐसा गम्भीर अपराध घटित हुआ है। पुलिस कप्तान ने बताया अब तक की जांच में यह बात भी सामने आई है, कि उक्त नाबालिग अपराधी को अबोध श्रेणी में ना मानते हुए वयस्क अपराधी मान रहे हैं, और उसका ट्रायल किये जाने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। जिससे उसे मत्युदंड या आजीवन कारावास जैसे दंड मिल सकें। वहीं पुलिस ने होटल आशीर्वाद को सील कर दिया है। गिरफ्तार किए गए होटल संचालक प्रदीप अग्रवाल से पूछताछ की जा रही है होटल के एंट्री रजिस्ट्रर सहित कई तथ्य पुलिस को मिले हैं जो यह साबित करते हैं कि होटल आशीर्वाद अय्याशी का अड्डा बन गया था।’

2 घण्टे के लिये दिया जाता था कमरा
SP गौरव तिवारी ने बताया कि ‘होटल आशीर्वाद में दो 2 घंटे के लिए रूम दिए जाते थे और अधिकतर बुकिंग रतलाम के लोकल लोगों द्वारा ही की जाती थी। इससे स्पष्ट है कि होटल आशीर्वाद अपराधियों का और अनैतिक कार्यों का अड्डा बन चुका था, और यह सब संचालक की जानकारी में था। उसके द्वारा कर्मचारियों को निर्देश दिए गए थे कि होटल में आने वाली महिलाओं का आइडेंटी वेरिफिकेशन नहीं किया जाए और उनसे किसी तरह की पूछताछ नहीं की जाए। इससे साफ पता चलता है कि खुद संचालक द्वारा अनैतिक कार्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा था, और अवैध लाभ अर्जित किया जा रहा था, उन्होंने कहा कि इस अपराध में जो भी शामिल पाया जाएगा उन सब के खिलाफ पुलिस बगैर किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए कठोर सजा दिलवाने का प्रयास करेगी। इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए भी न्यायालय से आग्रह किया जाएगा।