देशों को भगोड़े आर्थिक अपराधियों को लौटाने की प्रव्रिया तेज करनी चाहिये: नायडू

नई दिल्ली: उप-राष्ट्रपति एम वैंकया नायडू ने सोमवार को आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने के लिये देशों के बीच सूचनाओं के आदान प्रदान पर जोर देते हुये कहा कि आर्थिक अपराधियों को संबंधित देशों को लौटाने की प्रव्रिया में तेजी लाने के प्रयास होने चाहिये। उप राष्ट्रपति की तरफ से यह बात ऐसे समय कही गई है जब भारतीय जांच एजेंसियां देश से भागे कई आर्थिक अपराधियों को स्वदेश लाने के लिये कड़ी मेहनत कर रही हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट की शीर्ष संस्था आईसीएआई के 70वें वार्षिक समारोह को संबोधित करते हुये नायडू ने इस पेशे में नैतिकता के उच्च मानकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट को बार बार होने वाली धोखाधड़ी से बचने में मदद करनी चाहिये।

उपराष्ट्रपति ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि कैसे कोई देश लोगों को अपने यहां कालाधन रखने की अनुमति देते हैं।  कारपोरेट कार्य मंत्रलय में सचिव इंजेती श्रीनिवास ने इस अवसर पर कहा कि लेखा परीक्षकों की स्वतंत्रता सहित विभिन्न कड़े सवालों पर गौर करने की जरुरत है। उन्होंने भी ठोस नैतिक मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्रीनिवास ने उद्योग जगत के केवल कुछ ही आडिट फर्मो पर ध्यान केन्द्रित किये जाने और उन तक की सीमित रहने पर चिंता जताई। उन्होंने इस संदर्भ में कहा, ‘‘क्या वहां जरुरत से ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है या फिर प्रतिस्पर्धा की कमी है।’’

उन्होंने कहा कि यदि एक बाजार अर्थव्यवस्था में यह स्थिति है तो फिर यह चिंता की बात है। कुछ फर्मों का बोलबाला होना चुनौतीपूर्ण है।  दि इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया आईसीएआईी से 10 लाख छात्र और सदस्य जुड़े हैं।  इनमें सदस्योर्ं सीएी की संख्या 2.93 लाख है।  इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट जारी कर कहा, ‘‘आज सीए दिवस के मौके पर मेरी तरफ से सभी चार्टर्ड अकांउटेंट को उनके भविष्य के लिये शुभकामनायें।’’ उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट आर्थिक समृद्धि को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट की मेहनतकश बिरादरी समाज में ईमानदारी और बेहतर कंपनी संचालन की संस्कृति को आगे बढ़ा रही है. उन्हें मेरी तरफ से शुभकामनायें।