भोपाल में एक और ‘हनी ट्रैप’ का पर्दाफाश, वीडियो बनाकर ग्राहक को करता था ब्लैकमेल

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भोपाल: हनीट्रैप का बहुचर्चित मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि भोपाल में पुलिस ने एक और ऐसे गिरोह को पकड़ा है जिसमें शामिल युवतियां जिस्मफ़रोशी कर ग्राहक के अश्लील वीडियो बनाती थी और फिर ब्लैकमेल कर वसूली करती थी। ये गिरोह 11 साल से सक्रिय था। निशातपुरा थाना पुलिस ने इसमें सक्रिय दो महिलाओं नीपा और रिवाना सहित रुपनारायण गिरी और दीपांकर मंडल को गिरफ्तार कर उनके पास से मोबाइल फोन ज़ब्त किए हैं। पुलिस ने बताया कि वैसे तो इन चारों को अड़ीबाजी और धमकाने के आरोप में पकड़ा था लेकिन इनसे पूछताछ में ऐसे मामले का खुलासा हुआ जिससे भोपाल पुलिस के भी होश ही उड़ गए।

यह गिरोह ऐसे करता था काम
नीपा और उसकी साथी रिवाना सोशल मीडिया और बेबसाइट के जरिये लोगों से दोस्ती करके होटल में बुलाती थी और जिस्मफरोशी करती थी और हर रात के बदले 15-20 हजार रुपये लेती थी। दोनों युवतियां नाम बदल-बदल कर लोगों से मिलती थीं। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि नीपा अपना नाम प्रिया विश्वास, नुपुर विश्वास, मिष्टी विश्वास, रुही जैसे नामों से बदलकर उपयोग करती रही है। वहीं रिवाना अपना नाम आबी, रिया, रिजवाना जैसे नामों का इस्तेमाल करती थी।

पुलिस से शिकायत का डर
इस गिरोह में दीपांकर ग्राहकों को ढूंढकर नीपा और रिवाना से पहले जिस्मफरोशी कराता था और बदले में ग्राहकों से कैश लेता था। इतना ही नहीं उन्ही ग्राहकों का अश्लील वीडियो बनाकर पुलिस में रेप की शिकायत करने का डर दिखाकर तीन से चार लाख रुपये तक की रकम वसूली जाती थी। पुलिस ने बताया कि रिवाना और नीपा फ्लाइट से मुंबई, दिल्ली, गोवा, लोनावाला और अन्य बड़े शहरों में जाकर 5 स्टार होटलों में रुककर जिस्मफरोशी करती थी। इस धंधे में लिप्त नीपा 2013 में थाना पिपलानी मे देह व्यापार के तहत गिरफ्तार होकर जेल भी जा चुकी है।

ऐसे सामने आया मामला
इस मामले की शिकायत गिरोह में शिकार हो चुके भोपाल के रहने वाले एक शख्स ने की निशातपुरा थाने में की थी। लिखित शिकायत के अनुसार, नीपा धोटे, रिवाना बेग, रूपनारायण गिरि, दीपांकर मंडल उर्फ बाबू ये सभी लगभग एक साल पहले उसकी मोबाइल शॉप पर आए और फिर नीपा ने एक मोबाइल खरीदकर फाइनेंस कराया था। उसी दौरान इनके बीच नज़दीकी बढ़ी। आठ महीने पहले आरोपी महिलाओं ने कारोबारी को अपने जाल में फंसा लिया और पांच लाख की डिमांड करने लगीं। महिलाओं ने कारोबारी और उसके भाई का अश्लील वीडियो बना लिया था  और धमकी दी कि अगर उसने पैसे नहीं दिए तो वो उसके ख़िलाफ रेप की झूठी शिकायत कर एफआईआर दर्ज करा देंगी और फिर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर देंगी। बदनामी के डर से कारोबारी ने 80 हजार रुपए एक महिला आरोपी के अकाउंट में ट्रासंफर भी किए। गिरोह ने और बड़ी रकम की मांग की लेकिन कारोबारी इससे ज़्यादा पैसे इन महिलाओं को नहीं दे पाया। इसके बाद गैंग ने कारोबारी को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।