राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद की टीम ने देखा हमारा मेडिकल कालेज

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कोरबा। बुधवार को राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद के दो सदस्यों का दल नवीन मेडिकल कालेज व अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंचा था। इस दल में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों ने यहां कालेज संचालन के लिए नार्म्स के अनुरूप जरूरी सुविधाओं-संसाधनों का जायजा लिया। यह दल अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी। निरीक्षण की इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के पूर्ण होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे मेडिकल कालेज के अधिष्ठाता डा वायडी बड़गैंया उम्मीद जताई है कि जल्द ही हमें मान्यता मिल जाएगी और अगर ऐसा होता है तो नीट परीक्षा के बाद इसी साल नवंबर में कोरबा मेडिकल कालेज में एमबीबीएस के पहले बैच के दाखिले हो सकेंगे।

मेडिकल कालेज के संचालन के लिए शासन से निर्धारित मापदंडों पर खरा उतरना होता है। संसाधन के साथ ही चिकित्सक, कालेज, अस्पताल के साथ ही मेडिकल कालेज के अधीन आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी मापदंडों पर खरा उतरना चाहिए। छात्र एवं शिक्षकों की बैठक की व्यवस्था के साथ ही डीन कार्यालय का भी निरीक्षण किया जाता है। यह टीम अपनी रिपोर्ट नेशनल मेडिकल कमीशन दिल्ली को प्रस्तुत करेगी। नवीन मेडिकल कालेज के अधिष्ठाता डा वायडी बड़गैंया ने बताया कि केंद्र शासन से गठित राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद का दो सदस्यीय दल ने हमारे कालेज और अस्पताल का निरीक्षण किया है। कालेज एवं अस्पताल में उपलब्ध संसाधन एवं सुविधाओं से उन्हें अवगत कराया गया है। निरीक्षण उपरांत टीम लौट गई और अब परिषद की रिपोर्ट का इंतजार रहेगा। डा बड़गैंया ने बताया कि निरीक्षण की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए लंबे समय से तैयारी की जा रही थी। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही कालेज संचालन की मान्यता मिल जाएगी और कोरबा मेडिकल कालेज में इस सत्र से एमबीबीएस के दाखिले शुरू किए जा सकेंगे।

हिमांचल प्रदेश व इंदौर के चिकित्सक रहे

कोरबा। कालेज अस्पताल के विभिन्ना कक्ष एवं विभागों का जायजा लेती एनएमसी टीम।

नेशनल मेडिकल कमीशन की टीम आई थी। टीम के दो सदस्यों ने अस्पताल व कालेज में उपलब्ध सुविधा व संसाधनों का निरीक्षण किया। मानव संसाधन, उनका कार्य, जिम्मेदारियां, उपकरणों और संसाधनों के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त की और उनका भौतिक परीक्षण भी किया गया। इस टीम में इंदौर से डा समीर भार्गव व हिमांचल प्रदेश से डा अरोरा शामिल रहे। इस निरीक्षण बाद अनुमति मिल जाती है, तो मेडिकल कालेज में 100 सीटों पर एडमिशन प्रक्रिया नवंबर से शुरू हो जाएगी। सभी मेडिकल कालेजों में जो सुविधाएं होनी चाहिएं, वह सभी यहां उपलब्ध रहेंगी।

10 सितंबर तक दिल्ली भेजना है सीटों का ब्यौरा

डा बड़गैंया ने कहा कि कालेज में विशेषज्ञ चिकित्सक, विशेष जांच व चिकित्सा उपकरणों की वह हर सुविधा उपलब्ध रहेगी, जैसा किसी मेडिकल कालेज में होना चाहिए। वर्तमान में जैसा अभी यह अस्पताल दिखाई दे रहा है, उससे बेहतर होकर इसकी शक्ल ही बदल जाएगी। 12 सितंबर को नीट परीक्षा है और परिणाम आने के बाद एडमिशन प्रक्रिया शुरू होती है। प्रबंधन ने ऐसी उम्मीद जताई है कि नवंबर में मेडिकल कालेज कोरबा में पहले बैच का एडमिशन शुरू हो जाएगा। इसके लिए 10 सितंबर तक राज्य के मेडिकल कालेजों की सीटों का पूरा ब्यौरा भारत सरकार को भेजना होगा।

बंद होगी इलाज के लिए दूसरे शहरों की दौड़

डा बड़गैंया ने बताया कि नवीन मेडिकल कालेज में वह अनेक सुविधाएं मौजूद रहेंगी, जिनके लिए एक बड़े वर्ग को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है। खासकर ऐसा वर्ग, जिनके पास बड़े अस्पतालों का महंगा खर्च उठाने की क्षमता नहीं और उन्हें ऐसे ही विशिष्ट उपचार की जरूरत होती है। उन्हें विशेष रूप से फोकस करते हुए मेडिकल कालेज अस्पताल को सजाया व संवारा जाएगा और हर प्रकार की चिकित्सा सुविधा से लैस किया जाएगा। आर्थिक मुश्किलों से जूझने वाले जरूरतमंद परिवार के मरीजों को वह सारी चिकित्सा सुविधाएं कोरबा में ही निश्चित तौर पर मिल सकेंगी।

जांच की चेकलिस्ट के कुछ अंश

0 मेडिकल कालेज में उपलब्ध संसाधनों, सुविधाओं, मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरणों का आंकलन।

0 कालेज में बैठक व्यवस्था, अधिष्ठाता का दफ्तर, फैकल्टी, 100 के बैच के लिए कक्ष व्यवस्था।

0 कालेज संचालन के लिए शासन से निर्धारित नार्म्स के अनुरूप अधोसंरचनाओं का भौतिक सत्यापन।

0 कालेज के अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधा, मरीजों के अनुरूप स्टाफ व अन्य इंतजाम।

0 मेडिकल कालेज अस्पताल की ओपीडी संख्या, इसके अधीन आने वाले नजदीकी प्राथमिक स्वासथ्य केंद्रों की ओपीडी व अन्य सुविधाएं।

0 लैब-लाइब्रेरी के लिए कक्ष, अस्पताल में 330 बिस्तर की संख्या व अन्य बिंदू शामिल हैं।