संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त के कार्यालय के सामने अफगान शरणार्थी कई मागों को लेकर कर रहे विरोध प्रदर्शन

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नई दिल्ली। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहां के नागरिकों के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। एक तो अफगानिस्तान से बाहर निकलने पर सभी आमादा है और उसके बाद अगर किसी देश पहुंच भी गए तो वहां अपने अच्छे जीवन के लिए दुनिया से गुहार लगा रहे हैं। राजधानी दिल्ली में पिछले कई दिनों से किसी देश व संगठनों के कार्यालय के बाहर अफगान नागरिक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे ही सोमवार को संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त के कार्यालय के सामने देखने को मिल रहा है। दिल्ली में शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त के कार्यालय के सामने अफगान शरणार्थी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

विरोध कर रहे लोगों की मांगों में सभी अफगानों के लिए शरणार्थी का दर्जा/कार्ड, किसी तीसरे देश के लिए पुनर्वास विकल्प और यूएनएचसीआर और भारत सरकार से सुरक्षा शामिल है। वहां महिलाएं भी मौजूद हैं, जिनके हाथों में पोस्टर हैं, जिनपर लिखा है, ‘अफगान शरणार्थी महिलाएं इंसाफ चाहती हैं।’ छोटे-छोटे बच्चे भी प्रदर्शन में शामिल हैं।

पिछले हफ्ते भी ऐसे ही कुछ दृश्य सामने आए थे। जब भारत की राजधानी दिल्ली में ऑस्ट्रेलियाई दूतावास के बाहर कई अफगान नागरिक इकट्ठा हो गए। मामले पर बात करते हुए एक अफगान नागरिक सैयद अब्दुल्ला ने बताया था, ‘मैंने सुना है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने शरणार्थियों को स्वीकार करने और उन्हें आव्रजन वीजा देने की घोषणा की है। लेकिन यहां का दूतावास हमें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा है। मुझे नहीं पता क्या करना है।’

अफगान नागरिक ने कहा, ‘हमने सुना है कि ऑस्ट्रेलियाई दूतावास अफगान नागरिकों को 3000 वीजा दे रहा है। जब हम यहां आए, तो उन्होंने हमें एक फॉर्म दिया, जिसमें कहा गया है कि हमें पहले यूएनएचसीआर (शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त) को एक ईमेल भेजना होगा जो हमें वीजा के लिए दूतावास के पास भेजेगा। लेकिन यूएनएचसीआर कार्यालय कोई जवाब नहीं देता।’

वहीं, अमेरिकी दूतावास के बाहर भी अफगान नागरिक जमा हुए। एक अफगान नागरिक ने कहा, ‘तालिबान के सत्ता में आने के बाद से मेरा परिवार घर वापस आ गया है। हम भारत और अमेरिका से समर्थन का अनुरोध करते हैं। हमारे यहां कोई नौकरी नहीं है और हम आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।’