घर बैठे लर्निंग लाइसेंस बनवाने की योजना अधर में

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रायपुर: प्रदेश में घर बैठे लर्निंग लाइसेंस बनवाने की कवायद परिवहन विभाग ने एक साल पहले शुरू की थी, लेकिन अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में इसे शुरू भी कर दिया गया है। परिवहन विभाग के अधिकारी सिर्फ फाइलों में ही घर बैठे लर्निंग लाइसेंस बनवा रहे हैं। परिवहन विभाग ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अधिकारियों का कहना है कि घर बैठे लर्निंग लाइसेंस बनवाने की योजना है, जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा।

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में एक वर्ष में तकरीबन तीन लाख लर्निंग लाइसेंस बनते हैं। वर्तमान में लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। दूरदराज से आने वाले आवेदकों को प्रक्रिया की जानकारी न होने की वजह से मजबूरी मेें उन्हें एजेंट का सहारा लेना पड़ता है। उसी का फायदा उठाकर एजेंट लाइसेंस बनवाने के नाम पर मोटी रकम वसूल करते हैं, लेकिन प्रदेश में यदि यह व्यवस्था शुरू कर दी गई होती तो लोगों को काफी राहत मिलती।

शुरू नहीं हो पाई योजना

आरटीओ कार्यालय में किसी भी काम के लिए जाने पर नियम-कानून ऐसे बनाए जाते हैं कि आवेदक दिन भर चक्कर लगाते-लगाते थक जाते हैं। झंझट से बचने के लिए लोग एजेंटों का सहारा लेते हैं और एजेंट लोगों को लूटते हैं। इस व्यवस्था को खत्म करने के लिए केंद्र ने आरटीओ में जाकर लर्निंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से समाप्त करने का निर्णय लिया था। लेकिन अभी तक योजना शुरू नहीं हो पाई है।

जानिए कैसे बनेगा ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस

परिवहन विभाग के अधिकारी ने बताया कि आनलाइन लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरनी होगी। वेबसाइट पर अपनी सुविधानुसार दिन व समय तय कर सकते हैं। फिर बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद सात दिन के भीतर आनलाइन परीक्षा देनी होगी। ऑनलाइन परीक्षा में कुल 10 नंबर होंगे। छह नंबर पाने वाले को पास माना जाएगा। आवेदक के परीक्षा पास करने के बाद खुद ब खुद उसका लर्निंग लाइसेंस बन जाएगा।