मोहर्रम आज… नहीं निकलेंगे मातमी जुलूस, विसर्जित होंगे ताजिये

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भोपाल। राजधानी में शुक्रवार को मोहर्रम मनाया जाएगा। हजरत इमाम हुसैन की शहादत के इस पर्व पर हुसैन की शहादत के बारे में मुस्लिम धर्मगुरु बताएंगे। उनकी शहादत की किस्से सुनाएंगे। कुरान पाठ करेंगे। उनकी याद में ताजिये बनाए गए हैं, जिनका आज विसर्जन होगा। कोरोना संक्रमण के चलते लगातार दूसरे साल जुलूस नहीं निकाले जाएंगे। नगर निगम प्रशासन व पुलिस की देखरेख में शहर के करबला विसर्जन घाट पर ताजिए विसर्जित किए जाएंगे। सीमित लोग घाट पर जाकर ताजिए विसर्जित कर सकेंगे। इसके अलाव लोग अलग-अलग स्थानों पर भी ताजिए विसर्जित करेंगे।

मोहर्रम की पूर्वसंध्या पर शहर में कोरोना के कारण मातमी जुलूस और अखाड़ों व सवारियों की आवाजाही शहर में नहीं दिखी। गाइडलाइन का पालन करते हुए मातमी मजलिसें और कत्ल की रात होने वाला खदंक का मातम जरूर हुआ। ईरानी डेरा के इमामबाड़ा के जिम्मेदार गुलाम हैदर ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी मातमी मजलिस आयोजित की गई। शहर के अन्य इमामबाड़ों मातम किया। हर साल की तरह इस बार भी ताजिए तो बनाए गए हैं, लेकिन उनके आकार को छोटा कर दिया गया है। मातमी जुलूस इस बार नहीं निकलने की वजह से लोगों ने घरों में ही रहकर मातम में शिरकत की। वहीं गरीब मोहताजों को खैरात बांटी गई। कई स्थानों पर खिचड़े की दावतें भी दी गईं। शहीदाने कर्बला पर इमाम हुसैन की याद में पौधारोपण भी किया गया।
किन्नरों ने बनाए ताजिए, जुलूस नहीं निकलेगा
मंगलवारा में किन्नरों ने मोहर्रम की पूर्वसंध्या पर ताजिए बनाए। कोरोना के कारण जुलूस नहीं निकाला जाएगा। लिहाजा, किन्नर जुलूस सांकेतिक रूप से जुलूस निकालकर ताजियों को विसर्जित करेंगे।