दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अफगान स्टूडेंट्स को हर संभव मदद का दिया भरोसा, छात्रों के संग की बैठक

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तालिबान (Taliban) के अफगानिस्तान (Afghanistan) पर नियंत्रण के बाद से देश में पढ़ रहे अफगान के छात्र खौफ में हैं। वहीं कुछ छात्रों ने तो भारत देश से यहां की नागरिकता देने की गुहार भी लगाई है। वहीं अब इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपने छात्रों को हर संभव के लिए आश्वसत किया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति पीसी जोशी (Delhi University Acting Vice-Chancellor PC Joshi) ने बीते दिन यानी कि गुरुवार को अफगान छात्रों को हर संभव मदद का विश्वास दिलाया। दरअसल, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर एंड फॉरेन स्टूडेंट्स रजिस्ट्री के अधिकारियों ने तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने के कुछ दिनों बाद अफगान छात्रों के साथ बैठक की थी। इस दौरान कार्यवाहक कुलपति ने अफगान छात्रों से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का सुलझाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय में यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में लगभग 200 अफगान छात्र अध्ययन कर रहे हैं। हालांकि उनमें से कई अपने वतन वापस चले गए थे, क्योंकि कक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जा रही हैं। ऐसे में गुरुवार को हुई बैठक में करीब 48 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इस दौरान मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विश्वविद्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, बैठक में अफगान छात्रों ने अपने देश की मौजूदा स्थिति के बारे में अपनी चिंताओं को साझा किया। इसके साथ ही उन्होंने वीजा एक्सटेंशन, आईसीसीआर छात्रवृत्ति, छात्रावास आवास, वित्तीय समस्याएं आदि शामिल थीं। इस दौरान कार्यवाहक कुलपति जोशी ने छात्रों को आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय उन्हें हर संभव मदद और सहायता प्रदान करेगा और डीयू अपने अफगान छात्रों के साथ खड़ा है।