वरिष्ठ नागरिकों, पेंशनरों की जमा राशि पर ब्याज दर 10 फीसद कर ब्याज को कर से मुक्त करे सरकार- वीरेंद्र नामदेव

Whatsapp

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को उनके कार्यालय के माध्यम से भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ राष्ट्रीय अध्यक्ष सी एच सुरेश एवं राष्ट्रीय महामंत्री वीरेन्द्र नामदेव के संयुक्त हस्ताक्षर द्वारा ट्विटर, ई-मेल और डाक से पत्र भेजकर भारत सरकार से वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रधानमंत्री वय वंदना स्कीम के तहत राष्ट्रीकृत बैंकों, पोस्ट ऑफिस में जमा राशि पर 7.4 प्रतिशत ब्याज दर को बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने और उस पर मिलने वाले ब्याज को आयकर से पूर्णतया मुक्त करने की मांग की है।

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र नामदेव ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए उनके जीवनयापन का मुख्य जरिया उनकी पेंशन होती है। सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) एक सामाजिक सुरक्षा स्कीम तथा पेंशन प्लान है। भारत सरकार की यह योजना राष्ट्रीयकृत बैंकों, पोस्ट ऑफिस, एलआईसी में चल रही है। मगर, इस योजना में ब्याज दर वरिष्ठ जीवन यापन सुरक्षा की दृष्टिकोण से बहुत कम है। इसे कम से कम 10 प्रतिशत तक बढ़ाए जाने की जरूरत है और इस पर मिलने वाले ब्याज को पूर्णतया आयकर से छूट देने दिये जाने की मांग पत्र में की गई है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री वय वंदना योजना की शुरुआत चार मई 2017 को की गई थी। इसके तहत 60 साल या उससे अधिक वर्ष के व्यक्ति मासिक पेंशन का विकल्प चुनते हैं, तो उन्हें 10 वर्षों तक 7.4 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा और अगर वार्षिक पेंशन विकल्प चुनते हैं तो उन्हें 10 वर्षो के लिए 7.66 की दर से ब्याज मिलेगा।

हालांकि, कोरोना के चलते इसकी ब्याज दरों में थोड़ी कटौती हुई है, लेकिन अन्य फिक्स्ड डिपॉजिट और पेंशन स्कीम के मुकाबले अब भी ये एक बेहतर विकल्प है। यह वन टाइम इन्वेस्टमेंट स्कीम है, इस योजना के तहत 1000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन के लिए 1,62,162 रुपये का निवेश करना होता है। इस स्कीम में अधिकतम 15 लाख रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। जिसमें 10 साल तक 9,250 रुपये की मंथली पेंशन मिलती है।

वहीं, खास बात ये है कि निवेश की गई पूरी रकम 10 साल बाद वापस कर दी जाती है। इसमें पेंशन प्लान के कई ऑप्शन हैं। मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना कोई भी ऑप्शन सेलेक्ट कर पेंशन ले सकते हैं। मगर, एक बार चयन करने के बाद पेमेंट ऑप्शन को नहीं बदला जा सकता। वर्तमान में इस स्कीम से जुड़ने की अंतिम सीमा 31 मार्च 2023 तक ही है।

देश में रह रहे भारतीय नागरिक ही इस स्कीम का फायदा उठा सकते हैं। PMVVY स्कीम के लिए सब्सक्राइबर को किसी मेडिकल जांच की जरूरत नहीं पड़ती। अगर पेंशन पाने वाले व्यक्ति की बीच में ही मृत्यु हो जाती है तो जमा राशि नॉमिनी को रिफंड कर दी जाती है।