हैती में भूकंप से मरने वालों की संख्या 2000 के करीब पहुंची, तूफान और बारिश के कारण राहत-बचाव कार्यों में देरी

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लेस काएस। हैती में आए भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या 2000 के करीब पहुंच गई है। हैती के अधिकारियों ने भूकंप में 500 और लोगों के मारे जाने की मंगलवार को जानकारी दी। नागरिक संरक्षण एजेंसी ने भूकंप में अब तक मारे गए लोगों की संख्या 1,941 बताई है और घायलों की संख्या 9,900 बताई गई है। जिनमें से कई अब भी मेडिकल सुविधा या मदद मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

देश में बारिश के कारण राहत-बचाव कार्यों में देरी हो रही है। हैती में उष्णकटिबंधीय तूफान ‘ग्रेस’ के कारण राहत एवं बचाव प्रयासों में बाधा आई है। राहत कार्यों में हो रही इस देरी की वजह से पहले से बेघर हुए लोगों का गुस्सा और निराशा और ज्यादा बढ़ गई है।

रविवार को आए भूकंप में सबसे ज्यादा प्रभावित दक्षिण-पश्चिमी हैती पर ग्रेस तूफान ने भी कहर बरपाया और अधिकारियों ने चेतावनी दी कि कुछ इलाकों में तूफान के आगे बढ़ने से पहले 15 इंच तक बारिश हो सकती है। भूकंप से क्षतिग्रस्त शहर लेस कायस और राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस में रुक-रुक कर बारिश हुई।

कैरेबियाई देश हैती में शक्तिशाली भूकंप तबाही करने वाला था, यहां गांव के गांव उजाड़ हो गए। हजारों की संख्या में लोग घरों के पूरी तरह नष्ट हो जाने के बाद विस्थापित हो गए हैं। भूकंप पीडि़तों को भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे रहना पड़ रहा है। कोरोना महामारी और हिंसा की घटनाओं के बीच इस प्राकृतिक आपदा में राहत कार्य में मुश्किल हो रही है। हैती में कुछ समय पहले ही राष्ट्रपति की हत्या कर दी गई थी।

हैती के प्रधानमंत्री एरियल हेनरी ने पूरे देश में एक माह की आपातकाल की घोषणा की है। यहां के नागरिक सुरक्षा कार्यालय के अनुसार सात हजार से ज्यादा घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। पांच हजार घर क्षतिग्रस्त हैं। इसके साथ ही स्कूल, चर्च, अस्पतालों को भी नुकसान पहुंचा है। आपदा ऐसे समय में आई है, जब पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है।