शिवराज को नहीं मिली धरना देने की परमिशन, अब BJP सड़कों पर करेगी प्रदर्शन

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मंदसौर: मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान बाढ़ पीड़ितों को मदद दिलाने के लिए कमलनाथ सरकार के खिलाफ मंदसौर कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन देने वाले हैं। लेकिन कमलनाथ सरकार ने उन्हें धरना देने की अनुमति नही दी है। मंदसौर प्रशासन ने दलील दी है कि कलेक्ट्रेट में कानूनी वजहों से धरना देने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। बहरहाल, भाजपा ने पूर्व निर्धारित जगह न मिलने पर अब कलेक्ट्रेट के बाहर 24 घंटे का धरना देने का फैसला किया है।

दरअसल, बीजेपी आज शिवराज के नेतृत्व में बाढ़ पीड़ितों को सहायता दिलाने के लिए 24 घंटे का धरना प्रदर्शन दने वाली है।शिवराज यहां पर दिन में धरना देंगे, जबकि रात में भजन-कीर्तन करेंगे। इसके लिए भाजपा ने मंदसौर कलेक्ट्रेट के पीछे की जगह मांगी थी और पार्टी ने यहां पर तैयारियां भी शुरू कर दी थीं, लेकिन ऐन मौके पर प्रशासन ने यह जगह देने से इनकार कर दिया। ऐसे में बीजेपी के विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि कमलनाथ सरकार डरी हुई है। प्रशासन दबाव का काम कर रही है। सरकार के दबाव में पूर्व सीएम को धरना देने की जगह नहीं दी जा रही है।

मंदसौर कलेक्ट्रेट के पीछे की जगह धरना के लिए न देने के पीछे कलेक्टर मनोज पुष्पा ने नियमों का हवाला दिया है। कलेक्टर का कहना है कि कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर की परमिशन नहीं दी जा सकती, क्योंकि जिसमें कोलाहल अधिनियम सहित कई धाराएं लागू होती हैं। धरना-स्थल बदलने के विरोध में कलेक्ट्रेट पहुंचे भाजपा नेताओं को एडीएम बीएल कोचले ने धारा 144 का हवाला देते हुए किसी और जगह पर धरना देने की सलाह दी। बहरहाल, भाजपा ने पूर्व निर्धारित जगह न मिलने पर अब कलेक्ट्रेट के बाहर 24 घंटे का धरना देने का फैसला किया है।

मंदसौर में होने वाला शिवराज का प्रदर्शन बाड़ पीड़ितों, फसल बर्बादी, खराब फसलों, बिजली बिल आदि को लेकर होगा। इस धरना प्रदर्शन में बीजेपी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और हजारों की संख्या में किसानों के शामिल होंगे।