नकली दवा बनाने वाले कारखाने पर औषधि विभाग की कार्रवाई, तीन लाख का केमिकल जब्त

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इंदौर: नकली दवा बनाने वाले एक कारखाने पर खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की कार्रवाई के बाद तीन लाख रुपए का केमिकल जब्त किया गया है। केमिकल को गुजरात से लाया जाता था और फिर युवक पेकिंग कर प्रदेश के तमाम हिस्सों में इसकी सप्लाई करते थे। दरअसल, थाना प्रभारी विजय सिसोदिया को सूचना मिली थी कि शहर में नकली दवाईयां बनाने का कारखाना संचालित हो रहा है। उन्होंने इसकी जानकारी खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम दी, जिसके बाद उन्होंने बुधवार दोपहर को कारखाने पर छापा मारा।

बैन है ऑक्सीटॉसिन
ममता नगर में लम्बे समय से दवाईयां की पैकिंग का कारखाना संचालित हो रहा था। जहां अमानक केमिकल से पशु चिकित्सा में प्रतिबंधित ड्रग ऑक्सीटॉसिन का निर्माण और सप्लाई का काम हो रहा था। इस बात से खाद्य एवं औषधि विभाग अनजान था। बता दें कि ऑक्सीटॉसिन नामक ड्रग का इस्तेमाल पशुओं में दुग्ध उत्पादन के लिए किया जाता है। सराकर ने इसका प्रयोग करने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। साथ ही इसकी मात्रा और गुणवत्ता भी तय की है। जानवर को ऑक्सीटॉसिन नामक इंजेक्शन लगाकर उत्पादित किया गया दुग्ध मानव शरीर पर भी कई हानिकारक प्रभाव डालता है।
ड्रग इंस्पेक्टर धर्मेश का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में जामनगर के रहने वाले भीम सिंह केमिकल गुजरात से लाकर इंदौर में पेकिंग करते थे और प्रदेश के कई हिस्सों में सप्लाई करते थे। इन दवाईयों पर बिना किसी लेवल या स्टीकर के बिना बाजार में खपाने का काम किया जाता था। विभाग के अधिकारियों ने माल को अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।