विक्रम लैंडर के लिए चंद्रदेव से प्रार्थना करने ब्रिज के टॉवर पर चढ़ा युवक, 48 घंटे बाद सुरक्षित लैंड

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मिशन मून पर निकले चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से संपर्क साधने के लिए इसरो ने काफी कोशिशें कीं लेकिन धीरे-धीरे अब उम्मीद खत्म होती जा रही है। वहीं एक युवक के सिर पर विक्रम लैंडर से संपर्क करने की सनक इस कद्र सवार हुई कि वह ब्रिज के टावर पर ही जा चढ़ा। करीब 48 घंटे बाद पुलिसकर्मियों ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। नीचे उतरकर रजनीकांत नाम के इस युवक ने कहा कि वह चंद्रयान-2 के लिए पिलर पर चढ़ा था। रजनीकांत ने कहा कि जब विक्रम का संपर्क इसरो से टूट गया तो वह चंद्रदेव से प्रार्थना करने के लिए आसमान में ऊंचाई पर चढ़ गया ताकि लैंडर से संपर्क हो सके।

रजनीकांत सोमवार को प्रयागराज में यमुना ब्रिज के टावर पर चढ़ गया जिसके बाद उसे नीचे आने के लिए कहा गया लेकिन वह नहीं माना। उसने मंगलवार को एक नोट भी टावर से नीचे फेंका था जिस पर लिखा था कि वह तब तक चंद्रदेव से प्रार्थना करता रहेगा जब तक इसरो का विक्रम से संपर्क नहीं हो जाता। उसके घरवालों ने भी उसे बहुत मनाया लेकिन उसने उनकी भी नहीं सुनी। आखिरकार बुधवार को बनारस से बड़ी क्रेन मंगाई गई और फिर शाम में उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया। गया। रजनीकांत को देखने के लिए पुल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।

वहीं क्रेन से जब रजनीकांत को जब नीचे उतारा गया तो वह किसी विजयी खिलाड़ी की तरह तिरंगा लहरा रहा था और पुल पर खड़े लोग उसके नाम के नारे लगा रहे थे। रजनीकांत ने नीचे उतरकर पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की भी इच्छा जताई। रजनीकांत यादव भारतगंज का रहने वाला है। यह पहली बार नहीं है जब उसने ऐसा किया है। इससे पहले वह एक बिजली के खंभे पर चढ़ गया था और पिछले साल अक्तूबर में वह पुल पर चढ़ गया था, तब उसने मांग की थी कि सीएम योगी आदित्यनाथ उसके गांव में गोशाला बनवाएं।