उन्होंने कहा कि राज्यपाल का काम समन्वय का होता है। मैं सरकार और विपक्ष के बीच समन्वय स्थापित कर राजस्थान के विकास के लिए काम करूंगा। केंद्रीय योजनाओं योजनाओं के क्रियान्यन पर विशेष जोर रहेगा। सामाजिक सुरक्षा की केंद्रीय योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों को मिले, इसके लिए समय-समय पर समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। कलराज मिश्र ने सोमवार को “दैनिक जागरण” से विशेष बातचीत में कहा कि राज्यपाल का काम शासन चलाना नहीं, बल्कि संविधान की मर्यादा में रहकर लोगों के हितों की सुरक्षा करना है।

पूणवत्तापूर्ण शिक्षा और आदिवासी कल्याण का ध्यान रखेंगे

कलराज मिश्र ने कहा कि वे नियमित रूप से लोगों से मिलेंगे, लेकिन सरकार के दिन-प्रतिदिन के कार्यों में कोई दखल नहीं करेंगे। सरकार का काम शासन चलाना होता है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का पद संवैधानिक होने के कारण इसे संभालने वाले को संविधान की रक्षा का पूरा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान में राज्यपाल को जो दायित्व दिए गए हैं, उनका वे पूरा पालन करेंगे। कलराज ने कहा कि आदिवासी कल्याण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पद विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि वे आदिवासी क्षेत्रों में जाकर आदिवासियों के साथ संवाद करेंगे। आदिवासियों के लिए तय बजट का सही ढंग से इस्तेमाल हो रहा है या नहीं यह देखने के साथ ही इस वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने को लेकर सरकार से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटीज के कुलाधिपति होने के नाते प्रत्येक यूनिवर्सिटी में निष्पक्ष व योग्य कुलपतियों की नियुक्ति कराने के साथ ही युवाओं के लिए शिक्षा का माहौल तैयार किया जाएगा।