नींद में सोई कमलनाथ सरकार को जगाएंगे शिवराज, 22 सितंबर को सांकेतिक धरना

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भोपाल: पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बैरसिया के गांव निपानिया जाट में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे। शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से चर्चा की और खेत में जा कर खराब फसल का जायजा लिया। उन्होंने सरकार से किसानों के लिए बारिश से खराब हुई फसलों के नुकसान के लिए मुआवजे की मांग भी की और मांग न पूरी होने की सूरत में आंदोलन की चेतावनी भी दी।

जानकारी के अनुसार, बैरसिया विधानसभा के अन्तर्गत गांव निपानिया में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, ‘खेतों और सड़क पर पानी भरने से गांवों का संपर्क टूटा गया है। फसल ख़राब हो चुकी है। बैरसिया में अब तक के जायजे में 22 गांव डूब क्षेत्र में हैं। 1 हज़ार हेक्टयर से ज्यादा भूमि जलमग्न है। फसल पूरी तरह से ख़राब हो गई है।

उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि हम पहल के आधार पर सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करेंगे। उन्होंने कमलनाथ पर हमला बोलते हुए कहा कि, ‘सरकार तो आ नहीं रही है इसलिए हम जनता से उनकी परेशानी पूछकर सरकार को बता रहे है। हम अभी आग्रह कर रहे हैं कि सरकार फसलों का सही तरीके से सर्वे करे, मुआवजा राशि बांटे। यदि 21 सितंबर तक सरकार राहत नहीं देती है तो 22 तारीख को हम सभी 1 घंटे के लिए सड़कों पर उतरेंगे।’

वहीं किसानों से फसलों में हुए नुकसान के बारे में पूछा तो किसानों ने 100 परसेंट नुकसान होना बताया। शिवराज सिह ने सोयाबीन की फसलों की खराब फली को किसान की किस्मत से जोड़ते हुए कहा कि फली नहीं टपकी बल्कि किसान की किस्मत टपक गई है। वहीं उन्होंने कर्जमाफी को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।