भोपाल के कई इलाकों में भूकंप के झटके, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग

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भोपाल: राजधानी भोपाल के कोलार क्षेत्र में पिछले दिनों धरती हिलने की घटना के बाद अब रातीबड़ इलाके में भी इसी तरह के धमाके महसूस किए जा रहे हैं। शनिवार की शाम करीब साढ़े छह से रात साढ़े दस बजे के बीच चार बजे धमाके की आवाज से साथ जमीन में वाइब्रेशन महसूस किया गया। बार-बार हो रही इस प्रकार की घटना के बाद देर रात लोग घरों से बाहर निकल आए।

नील सागर कालोनी में रहने वाली रीना माहेश्वरी ने बताया कि पहली साढ़े छह बजे कंपन महसूस हुआ था, लेकिन उस वक्त इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। रात को जब दोबारा बम ब्लास्ट जैसी आवाज सुनाई पड़ी और जमीन में कंपन हुआ तो ध्यान गया। इसके बाद दो बार फिर इसी तरह का कंपन महसूस हुआ। इसी कालोनी में रहने वाले पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि बम ब्लास्ट जैसे जोरदार साउंड के साथ वाइब्रेशन महसूस हो रहा है। इससे घरों में रखा सामान गिर तो नहीं रहा, लेकिन वह हिलता हुआ दिखाई दिया है। बताया जा रहा है कि रात करीब सवा दस बजे वह भोजन कर रहे थे, तभी उन्हें जोर की आवाज आई और जमीन हिलती हुई महसूस हुई। इस प्रकार की शिकायत नील सागर के साथ नीलकंठ कालोनी और हरिनगर के लोगों ने की है। हरिनगर में रहने वाले हेमंत कुशवाह ने बताया कि शाम से देर रात तक पांच से छह बार जोरदार आवाज के साथ जमीन में कंपन महसूस किया गया है। उन्होंने बताया कि रात करीब सवा दस बजे तेज आवाज आई तो उन्होंने पड़ोसियों से कोई सामान फेंकने के बारे में पूछा। लोगों ने मना किया तभी करीब दस मिनट बाद ही दोबारा से इसी प्रकार की हलचल हुई

घरों से बार निकले नगरवासी
रातीबड़ इलाके में आखिरी कंपन देर रात करीब दस बजकर पचास मिनट पर महसूस किया। इस बीच दहशत में आए रहवासी अपने घरों से बाहर निकल आए। सबसे ज्यादा कंपन हरिनगर में हसूस किये गए। इसी प्रकार विशाल नगर फेस वन, टू और थ्री, जगन्नाथपुरी, जैन कालोनी समेत कई इलाकों में रहवासियों को कंपनी महसूस हुए।

जांच के बाद भी कुछ नहीं हुआ
कोलार इलाके में पिछले कुछ दिनों से इस प्रकार की शिकायतें मिल रही हैं। यहां पर कान्हा कुंज, दानिश कुंज, विनीत कुंज, सर्वधर्म सी सेक्टर, गणपति इन्क्लेव, गुश शैफर्ड, आशीर्वाद कालोनी, बंजारी डी सेक्टर, राजहर्ष ए सेक्टर, साहू आटा चक्की समेत करीब डेढ़ दर्जन कालोनियों में इस प्रकार की घटनाएं हो चुकी हैं। कंपन होने की सूचना के बाद भूगर्भीय वैज्ञानिकों ने इलाके में पहुंचकर जांच-पड़ताल भी की थी, लेकिन कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया। शनिवार को रातीबड़ इलाके में हुई इस प्रकार की घटना के बाद आम लोगों ने दहशत का माहौल बना हुआ है।