भोपाल नाव हादसा: मुख्य सचिव के गैरजिम्मेदाराना बयान से नाराज पीसी शर्मा कहा- CM से बड़े नहीं

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ग्वालियर: गणेश विसर्जन के दौरान भोपाल में हुए नाव हादसे में 11 युवकों की मौत पर जहां एक ओर सारे मध्य प्रदेश में शोक की लहर है वहीं प्रदेश के मुख्य सचिव का बेहद गैरजिम्मेदाराना बयान सामने आया है। उनका बयान सामने आते ही प्रशासन पर कई सवाल उठने लगे है। कमलनाथ के मंत्री पीसी शर्मा ने तो साफ कर दिया कि जब सीएम ने कहा है कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा तो ऐसे में मुख्य सचिव किसी को क्लीन चिट कैसे दे सकते हैं? इस मामले में सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

दरअसल, ग्वालियर प्रवास पर आए मुख्य सचिव एस आर मोहंती से जब पत्रकारों ने पूछा कि भोपाल हादसे की गाज छोटे अधिकारियों पर ही क्यों गिरी तो उन्होंने जबाब में कहा कि, ‘इस घटना में बड़े अधिकारियों का क्या दोष है? धारा 144 लगी हुई है, जनता से जो न करने के लिए कहा जाए, अगर वह करते हैं तो उसमें दुर्घटना होती है। हादसा सुबह साढ़े चार बजे हुआ था और कलेक्टर पांच बजे मौके पर पहुंच गए थे। जहां पहुंचकर उन्होंने मुझें सूचित कर दिया था।

प्रशासन की ओर से हादसे में जितने लोगों को बचाया जा सकता था बचाया गया और जिन्हें बचाया नहीं बचाया जा सका वे दुर्भाग्यवश डूब गए।’ एक अन्य सवाल के जबाव में मुख्य सचिव ने कहा कि भोपाल नाव हादसे जैसी घटनाएं दोबारा न दोहराईं जाए इसके लिए कोशिश होगी कि नाव से विसर्जन करने की बजाए क्रेन से प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाए। वहीं प्रतिमा विसर्जन से पहले घटनाओं की रोकथाम के लिए दो तीन दिन में विस्तार से निर्देश जारी किए जाएंगे।

अफसरों को क्लीन चिट वाले बयान से नाराज़ मंत्री पीसी शर्मा
वहीं भोपाल नाव हादसा मामले में बड़े अधिकारियों को क्लीन चिट दिए जाने वाले मुख्य सचिव एसआर मोहंती के बयान को लेकर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने नाराज़गी जाहिर की है। मंत्री पीसी शर्मा के अनुसार सीएम कमलनाथ ने कहा है कि छोटा हो या बड़ा हादसे में जिम्मेदार किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और मुख्य सचिव मुख्यमंत्री से बड़े नहीं हैं। इतना ही नहीं पीसी शर्मा हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के रवैये को लेकर भी बेहद नाराज़ दिखे। पीसी शर्मा ने कहा कि जब वो रात के 2 बजे दौरा कर सकते हैं तो अधिकारी क्यों नहीं कर सकते।