महाराष्ट्र में गणपति विसर्जन के दौरान 18 लोगों की मौत

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मुंबईः महाराष्ट्र में गणेश प्रतिमा के विसर्जन के दौरान अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। राज्य में ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के साथ गुरुवार को समूचे महाराष्ट्र में भगवान गणेश की प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया और इसके साथ ही 10 दिनों तक चलने वाला गणेश उत्सव ‘अनंत चतुदर्शी’ के अवसर पर संपन्न हो गया, लेकिन विसर्जन के दौरान लोगों के डूबने और मौत की खबरों ने कई जगहों पर माहौल को गमगीन कर दिया।
पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिमा विसर्जन की शुरुआत बृहस्पतिवार को हुई। मुंबई, पुणे और सांगली के कई हिस्सों में शुक्रवार को भी विसर्जन हुआ। पुलिस के मुताबिक, अमरावती, नासिक, ठाणे, सिंधुदुर्ग, रत्नागिरि, धुले, नांदेड़, अहमदनगर, अकोला और सतारा समेत 11 जिलों में डूबने की घटनाएं हुईं है। इन घटनाओं में 18 लोगों की मौत हो गई। वहीं गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान चार लोगों की मौत अमरावती में और तीन लोगों की मौत रत्नागिरि में हुई। नासिक, सिंधुदुर्ग और सतारा में दो-दो लोगों की मौत हुई। वहीं ठाणे, धुले और बुलढाना, अकोला और भंडारा में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। इधर नासिक के सोमेश्वर जलप्रपात के पास डूब रहे तीन लोगों को जीवनरक्षक और अग्निशमन कर्मियों ने बचाया।
हालांकि मुंबई पुलिस ने प्रतिमा विसर्जन से पहले ट्वीट किया था कि, ‘‘हम अपने प्रिय भगवान गणेश को विदा करने को तैयार हैं ऐसे में हम आप सबसे एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण गणेश विसर्जन सुनिश्चित करने का अनुरोध करते हैं।” एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘पिछले कुछ बरसों में शहर में पुल ढहने की घटनाओं के मद्देनजर हमने कमजोर पुलों को बंद करने का फैसला किया। मुंबई में यातायात के लिए आज कम से कम 53 सड़कों को बंद रखा गया।”
गणेश चतुर्थी के साथ दो सितंबर को गणपति उत्सव शुरू हुआ था। प्रतिमा विसर्जन के लिए मुंबई महानगर,राज्य की सांस्कृतिक राजधानी पुणे के विभिन्न मंडलों और प्रदेश के अन्य हिस्सों में ढोल-ताशों के साथ श्रद्धालुओं ने पारंपरिक श्रद्धा एवं उल्लास के साथ झांकियां निकालीं।