राहुल गांधी से मुलाकात के बाद शीला दीक्षित ने 280 ब्लाक कांग्रेस कमेटियां की भंग

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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटों पर हुई कांग्रेस की हार के बाद प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने शुक्रवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष शीला दीक्षित ने सभी 280 ब्लाक कांग्रेस कमेटियों को तुरंत प्रभाव से भंग कर दिया है। इसके साथ ही पार्टी के कार्यकारी अध्यक्षों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

माना जा रहा है कि दीक्षित ने लोकसभा चुनाव 2019 में हार के कारणों की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया है। संभव है कि आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस की जिला समितियों को भी भंग कर दिया जाए। दरअसल, यह पूरी कवायद प्रदेश संगठन का पुनर्गठन किए जाने की एक तैयारी मानी जा रही है। लोकसभा चुनाव के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरना चाहती है और उसे ध्यान में रखते हुए संगठन में बड़ा फेरबदल किए जाने की तैयारी चल रही है।

सूत्रों के मुताबिक यह बैठक गांधी के आवास 12 तुगलक लेन पर हुई। इसमें प्रभारी पीसी चाको, प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष शीला दीक्षित, कार्यकारी अध्यक्ष हारुन यूसुफ और राजेश लिलोठिया, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष अजय माकन, जयप्रकाश अग्रवाल और अरविंदर सिंह लवली और पूर्व सांसद महाबल मिश्रा शामिल हुए। इस बैठक में लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटों पर कांग्रेस के प्रदर्शन और आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा की गई।

सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी के मूड को भांपते हुए दिल्ली से लोकसभा चुनाव लडऩे वाले किसी भी उम्मीदवार ने चुनाव के दौरान आपसी खींचतान की बात का जिक्र तक नहीं किया। एक तरीके से उनका यह कहना था कि संभवत: हमारी ओर से ही कोई कमी रह गई कि जनता की नब्ज नहीं टटोल सके। इसके साथ ही दिल्ली कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी से अध्यक्ष पद पर बने रहने का आग्रह किया, जिस पर गांधी ने कोई जवाब नहीं दिया।