न्यौते के बावजूद दिल्ली SCO कॉन्फ्रेंस में नहीं पहुंचा PAK, खाली रही 3 कुर्सियां

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जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच एक बार तनाव चरम पर है। वैश्विक मंच पर अलग-थलग पड़ा पाक आए दिन भारत विरोधी बयान देकर अपनी किरकिरी करवा रहा है। इसी बीच पाकिस्तान ने दिल्ली में चल रही शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की पहली सैन्य सहयोग मीटिंग का बहिष्कार किया है। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान एससीओ का सदस्य है, इसलिए उसे इस कार्यक्रम के लिए न्योता भेजा गया था। SCO के भारत, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिजस्तान, पाकिस्तान, रूस, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान सदस्य हैं

सैन्य चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट पद्धतियों को साझा करने और क्षमताओं के निर्माण के लिए नई दिल्ली में आयोजित किए गए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के सैन्य चिकित्सकों के दो दिवसीय सम्मेलन में 27 देशों के प्रतिनिधि मंडल हिस्सा ले रहे हैं लेकिन पाकिस्तानी प्रतिनिधि मंडल की तीन कुर्सियां खाली हैं। दिल्ली में मानेकशॉ सेंटर में हो रहे सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान को आमंत्रित किया गया था। सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ भी मौजूद हैं.  भारत 2017 में इस संगठन में शामिल हुआ था और एससीओ के तहत भारत में आयोजित होने वाला यह पहला सैन्य सहयोग समारोह है।

SCO रक्षा सहयोग योजना 2019-20 के सहयोग से मिलिट्री मेडिसिन पर दो दिवसीय कांफ्रेंस 12 और 13 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा ‘हेडक्वाटर्स इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टॉफ’ के तत्वाधान में भारतीय सशस्त्र सेना की ओर से बैठक आयोजित है।  अधिकारी ने कहा, “कांफ्रेंस का मकसद मिलिट्री मेडिसिन, क्षमताओं का निर्माण करने और आम चुनौतियों से निपटने के क्षेत्र में सबसे अच्छे अभियान को साझा करना है।” भारतीय सशस्त्र सेना रैपिड एक्शन मेडिकल टीम को प्रदर्शित करेगी और नई दिल्ली के आर्मी रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल में अलग अलग प्रतिभागी देशों के विशेषज्ञों के प्रतिनिधिमंडलों के लिए एक टूर का आयोजन करेगी। भारत के पड़ोसी देश नेपाल और श्रीलंका भी वार्ता साझेदार के तौर पर इस कांफ्रेंस में शामिल हो रहे हैं।