पुलिस की छवि में नहीं आ रहा बदलाव..!

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181 हेल्पलाइन में शिकायत करता ही हो रहा प्रताड़ित
राष्ट्र चंडिका सिवनी। प्रदेश शासन द्वारा जनता की समस्याओं के समुचित और तत्काल निवारण के लिए सीएम हेल्पलाइन के लिए डायल 181 की स्थापना की गई है। इस नंबर पर कोई भी फरियादी अपनी समस्या के निराकरण के लिए संपर्क कर सकता है। पर देखा जा रहा है कि इस नंबर पर शिकायत दर्ज करने वाले जमकर पछताते हैं और सोचते हैं कि क्यों उन्होंने 181 का दामन थामा। दरअसल ऐसा जिले में “देशभक्ति जनसेवा” का नारा बुलंद करने वाला पुलिस महकमा और उसके कुछ अधिकारि कर रहे हैं। ये पुलिस के चंद रहनुमा, उल्टा शिकायतकर्ता को धमका कर उससे उन्हीं के मोबाइल से शिकायत वापस लेने के लिए तमाम पुलिसिया हथकंडे अपनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला बंडोल थाने का है। एक ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जो चर्चित हो चुका है। इसमें शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि किस प्रकार बंडोल थाना प्रभारी दिलीप पंचेश्वर द्वारा उसे उसकी एक शिकायत को वापस लेने के लिए डराया धमकाया जाकर उसके ही मोबाइल से 181 में फोन कर नकली शिकायतकर्ता बन शिकायत वापस की बात कही गई है। हालांकि “राष्ट्र चंडिका” वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता यहां गौरतलब होगा कि पूर्व में भी पलारी थाना चौकी में ऐसा ही मामले में चौकी प्रभारी हेमंत बाबरिया हटाए जा चुके हैं।
जिले में शिकायतों की सीएम हेल्पलाइन 181 किस तरह से शिकायत बंद कराई जा रही है इसका जीता जागता उदाहरण सोशल मीडिया में तेजी से वायरल होता एक ऑडियो में सामने आया है दरअसल बंडोल थाना प्रभारी दिलीप पंचेश्वर के द्वारा शिकायतकर्ता के ही मोबाइल से सीएम हेल्पलाइन में फोन करते हुए शिकायत को बंद कराने का मामला सामने आया है उल्लेखनीय है कि सिवनी जिले के बंडोल थाना प्रभारी दिलीप पंचेश्वर द्वारा सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत पर आवेदक का मोबाइल लेकर दिव्यांश पांडे बनकर शिकायत बंद कराने का ऑडियो वायरल हुआ है।
बंडोल  थाना जिला सिवनी के अंतर्गत ग्राम बोथिया निवासी दिव्यांश पांडे द्वारा बंडोल थाना प्रभारी दिलीप पंचेश्वर के द्वारा दर्ज प्रकरण में अपराधियों को गिरफ्तार न करने एवं समझौते के लिए दबाव बनाने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में की गई थी। शिकायत में असंतुष्टि जाहिर करने के कारण आवेदक दिव्यांश पांडे की शिकायत लेबल 3 अधिकारी अनिल महेश्वरी डीआईजी छिंदवाड़ा के पास 9 जनवरी 2021 को पहुंच गई उसके बाद थाना प्रभारी बंडोल दिलीप पंचेश्वर द्वारा आवेदक के घर ग्राम बोथिया जाकर डरा धमकाकर स्वयं आवेदक का मोबाइल लेकर 181 में प्रार्थी दिव्यांश पांडे बनकर बिना आवेदक की सहमति के उक्त शिकायत को बंद करा दिया गया। जो ऑडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ है।
वायरल ऑडियो में स्पष्ट रूप से प्रतीत होता है जो 18 जनवरी 2021 का क्योंकि आवेदक दिव्यांश पांडे की शिकायत में जिसके द्वारा उसके पिताजी के साथ मारपीट की गई थी उस पर कोई कार्यवाही नहीं करने के कारण शिकायत दर्ज कराई गई थी परंतु पुलिस द्वारा एवं थाना प्रभारी बंधुओं द्वारा आवेदक का मोबाइल छुड़ा कर स्वयं मुख्यमंत्री सीएम हेल्पलाइन में अपने आप को दिव्या पांडे बता कर शिकायत बंद कराना कहां तक उचित है इसके पूर्व भी पलारी चौकी प्रभारी हेमंत बाबरिया द्वारा भी एक आवेदक को सीएम हेल्पलाइन बंद कराने के लिए गंदे शब्दों का इस्तेमाल लेकर देते हुए धमकी दी गई थी जिसके बाद ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक द्वारा हेमंत बावरिया पलारी चौकी प्रभारी को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया गया था।
अब एक और वीडियो सोशल मीडिया में आया है जिसमें सीएम हेल्पलाइन में शिकायत वापस लेने के लिए किस प्रकार थाना प्रभारी शिकायतकर्ता को डरा धमका कर पीड़ित द्वारा  शिकायतकर्ता दिव्यांश पांडे ने व उनकी मां ने अपनी आपबीती सुनाई है इसके पश्चात भी बंडोल थाना प्रभारी के ऊपर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही अभी तक नहीं की गई। बताया जाता है कि थाना प्रभारी दिलीप पंचेश्वर को स्थानीय राजनीतिक संरक्षण के चलते इन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है। जिससे यही प्रतीत होता है कि सीएम हेल्पलाइन पर भी भारी पड़ रहा है स्थानीय राजनीतिक संरक्षण।
राष्ट्र चंडिका के भरोसेमंद सूत्रों की माने तो कुछ अधिकारी भी इस मामले में कार्यवाही करना चाहते हैं किंतु स्थानीय राजनीतिक संरक्षण के चलते यह कार्यवाही करने में अक्षम हो रहे हैं अब देखना यह है कि इस मामले में प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान अपने स्थानीय राजनीतिक संरक्षण के चलते अपनी ही सीएम हेल्पलाइन से लोगों का विश्वास व डर समाप्त करते हैं या ऐसे ही शिकायत दर्ज करने वाले जमकर पछताते हैं और सोचते हैं कि क्यों उन्होंने 181 की सहायता ली।