राम मंदिर निर्माण शुरू होने से बढ़ा है हिंदुओं का स्वाभिमान : मिलिंद परांडे

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भोपाल। अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर निर्माण शुरू होने से हिंदुओं का स्वाभिमान बढ़ा है। अब कोई भी राजनीतिक दल हमारी उपेक्षा नहीं कर सकता। श्रीराम जन्मभूमि हमारे स्वाभिमान का प्रतीक बन गई है। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने संत हिरदाराम नगर के नवयुवक सभा भवन में आयोजित व्याख्यान के दौरान यह बात कही। परांडे ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्‍मभूमि स्‍थल पर भव्‍य मंदिर का निर्माण हिंदुओ की अस्मिता का विषय था। लंबे संघर्ष के बाद प्रजातांत्रिक तरीके से यह भूमि हिन्दुओ को प्राप्त हुई है। यह अत्यंत गौरव का विषय है। यह हमारा सौभाग्य है कि हम इस मंदिर को बनते हुए देख पा रहे हैं। हिंदू समाज ने इस राम जन्मभूमि मंदिर की लडाई में सदियों संघर्ष किया, जिसका हम सम्‍मान करते हैं। मंदिर निर्माण शुरू होते ही हिंदुओं में स्वाभिमान आया है, यह सब राजनीतिक दल देख रहे है। अब कोई भी राजनीतिक दल हिंदुओं की उपेक्षा नहीं कर सकता। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अब हमारे स्वाभिमान का प्रतीक चिह्न बन गया है।

तुष्‍टीकरण की नीति चिंता का विषय

परांडे ने कहा कि देश में कुछ दल तुष्‍टीकरण की नीति पर चलते हैं, जो चिंताजनक है। लव जिहाद, आतंकवाद जैसी चुनौतियां हैं, जिनका हमें सामना करना है। हमें यह भी देखना है कि करोड़ों हिंदू आज भी गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रहे है। अंतिम पंक्ति में खडा व्यक्ति भी इस देश का नागरिक है। उसकी सेवा का भार भी हमारा है। मैं विश्व हिन्दू परिषद के प्रत्येक कार्यकर्ता से आह्वान करता हूं कि वे गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले नागरिकों की सेवा करें। यही देश सेवा है। उनके उत्थान का काम भी हमें देखना है। तभी समाज एकजुट होगा। हर हिंदू को कार्यकर्ता बनना होगा और सेवा करनी होगी। संयोजक सुशील वासवानी एवं राजेश हिंगोरानी ने भी इस कार्यक्रम को संबोधित किया। मीडिया प्रभारी राजेश बेलानी ने बताया कि इस कार्यक्रम के दौरान सभी ने राम मंदिर निर्माण में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा जताया। इस अवसर पर विहिप के क्षेत्रीय मंत्री अजय तिवारी, प्रांतीय अध्यक्ष पीताम्बर राजदेव, प्रांतीय मंत्री पप्पू वर्मा एवं शिक्षाविद विष्णु गेहाणी, बसंत चेलानी, पुरुषोत्तम टिलवानी, कमल प्रेमचंदानी, राजेश बेलानी, कमल वीधानी, विमला हिंगोरानी, पं जय शर्मा, वासदेव वाधवानी, नरेन्द्र लालवानी, शीला शामनानी, वकील लेखवानी आदि उपस्थित थे।