धार जिले में बाइक को टक्कर मार खड़े ट्रक से टकराई कार, दो लोगों की मौत

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धामनोद, धार। धामनोद नगर के बाहरी छोर यादव ढाबे के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जिसमें मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई और 9 गंभीर घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। यहां से 5 लोगों को इंदौर रिफर किया गया। घटना इतनी दर्दनाक थी की स्कॉर्पियो के आसपास खून फैला था। घटना की जानकारी लगते ही थाना प्रभारी राजकुमार यादव मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भेजा। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह करीब 9:30 बजे स्कॉर्पियो क्रमांक एमपी 09सीएन 4887 से मजदूर खरगोन के लिए निकले। जैसे ही बाईपास पर यादव ढाबे के पास वाहन निकला अचानक सामने जा रही दोपहिया बाइक क्रमांक एमपी 09एमयू 1994 को टक्कर मार दी। इसके बाद रोड किनारे खड़ी आइसर क्रमांक एमपी 13 जीए 5424 में वाहन जा घुसा। जैसे ही टक्कर हुई स्कॉर्पियो के दोनों एयरबैग भी खुल गए, लेकिन फिर भी साइड में बैठे दो लोग नहीं बच पाए।

2 की मौत, 9 घायल

घायलों में मोटरसाइकिल सवार सुखदेव पिता खड़क सिंह निवासी ढाबला, बाबूलाल हलाल, जगदीश बलदेव, ईश्वर दत्त मोरे, सोहेल भगवान गला, शंकर, राकेश कपूर, कल्लू, बंसी वाला तथा अक्षय थे तथा पूनम और संतोष की मौके पर ही मौत हो गई।

बाइक चालक को हेलमेट ने बचाया

बाइक चालक वाहन चला रहा था अचानक उसे पीछे से कार ने टक्कर मारी। रोड पर करीब 70 फीट तक वाहन रगड़ता हुआ गया। चालक सुखदेव खड़क सिंह ने हेलमेट लगा रखा था। इसी कारण उनकी जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि घटना इतनी दर्दनाक थी कि अचानक चारों तरफ से चीख-पुकार शुरू हो गई। आसपास के मैकेनिक और ऑटोमोबाइल के कार्य करने वाले लोगों ने सभी घायलों को निकाला और अस्पताल रेफर किया। बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन फिर भी हेलमेट लगाने के कारण सुखदेव की जान बची।

इधर अस्पताल में समय पर डॉक्टर नहीं

शासकीय अस्पताल में घायलों को ले जाने के बाद नगर के कुछ लोग भी पहुंचे। वहां पर डॉक्टर ही नहीं थे। ऐसे में बीएमओ ब्रह्म राज कौशल ने कमान संभाली तथा खुद ही घायलों का इलाज करने लगे। इसके बाद चिकित्सक सुरेखा जैन को बुलाया गया। उन्होंने भी घायलों का इलाज किया। बीएमओ कौशल से पूछा गया कि ड्यूटी पर डॉक्टर समय पर क्यों नहीं आते? उन्होंने बताया कि कई बार वेतन को काटा गया, नोटिस भी दिए गए। उसके बाद भी मनमानी करते हैं। समय पर नहीं आने के कारण नागरिकों में भी आक्रोश देखा गया। उन्होंने बताया कि अचानक हुए हादसे से जिन लोगों को रेफर करना पड़ा। उनका इलाज यहां हो सकता था, लेकिन डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इस वजह से परेशानी का सामना उठाना पड़ा।

तेंदूपत्ते के संग्रहण के लिए खरगोन जा रहे थे

घायल मजदूरों ने बताया कि वह अपने मालिक के कहने पर तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए खरगोन की ओर निकले थे। गाड़ी में कांटे बांट एवं अन्य जरूरत का सामान भी रखा था जो कि मजदूरों का ही था। थाना प्रभारी राजकुमार यादव ने मौके पर पुलिस बल लगाकर चार पहिया वाहन को रोड से हटाया। वाहन सामान की हिफाजत के लिए अन्य पुलिस बल भी मौके पर खड़ा किया।