नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे अतिथि शिक्षक, शहर में घंटों लगा जाम

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भोपाल: राजधानी भोपाल में इस बार शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का विरोध देखने को मिला। गुरुवार को हजारों शिक्षक अपनी मांगो को लेकर सड़कों पर उतर आए। नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर अलग-अलग स्थानों पर अतिथि शिक्षकों, अतिथि विद्वानों और प्रेरक शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई।

तेज धूप में भटकते रहे अतिथि शिक्षक
मांगो को लेकर सुल्तानिया रोड पर पहुंचे अतिथि शिक्षकों व पुलिस के बीच बहस बाजी भी हुई। भीड़ को तितर बितर करने की कोशिश भी कई गई। तेज धूप में सभी इधर-उधर पानी की तलाश में भटकते रहे। बार-बार कहने के बावजूद अतिथि शिक्षक पार्क में नहीं गए तो पुलिस को उन्हें सुल्तानिया रोड से पार्क में खदेड़ना पड़ा।

ये हैं अतिथि शिक्षकों की मांगें
1.गुरुजी की तर्ज पर नियमितीकरण किया जाए।
2.5 साल पुराने अतिथि शिक्षकों को संविदा शाला शिक्षक बनाया जाए।
3.पात्रता परीक्षा पास अतिथि शिक्षकों को कट ऑफ कम रखा जाए और बोनस अंक प्रतिवर्ष 5 अंक दिए जाए।

महिला अतिथि विद्वानों का भी अहम रोल
नीलम पार्क में सरकारी कॉलेजों के अतिथि विद्वानों ने धरना-प्रदर्शन किया। अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा की ओर से करीब 400 से अधिक अतिथि विद्वान शामिल हुए। इतना ही नहीं महिला अतिथि विद्वानों ने धरना स्थल को ही पूजा स्थल बना दिया। महिला अतिथि विद्वानों ने संतान सप्तमी की पूजा की। सभी नियमितीकरण की मांग को लेकर नारे लगाते रहें। दोपहर 2 बजे जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा पहुंचकर आश्वासन दिया कि आप सभी का जल्द ही नियमितीकरण किया जाएगा

ये तीन मांगें
1.नियमितीकरण किया जाए।
2.पीएससी सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की जांच की जाए।
3.नई नियुक्तियां कर अतिथि विद्वानों को सेवा से बाहर नहीं किया जाए।

प्रेरकों ने नियमितीकरण की मांग की
साक्षर भारत अभियान के प्रेरकों ने नियमितिकरण की मांग को लेकर बोर्ड ऑफिस चौराहे पर प्रदर्शन किया। इसमें करीब 200 प्रेरक शामिल हुए। चौराहे के दूसरी तरफ पुलिस बल ने उन्हें जाने रोक दिया, लेकिन फिर भी ये प्रदर्शन करते हुए चौराहे पर पहुंच गए। तहसीलदार मनीष शर्मा प्रेरकों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन वे फिर भी नहीं माने और नारे लगाते रहे।

ये तीन मांगे
1.नियमितीकरण किया जाए।
2.एक परिसर एक शाला में लिपिक या कम्प्यूटर ऑपरेटर पद पर प्रेरक शिक्षकों की नियुक्ति दी जाए।
3.प्रेरकों की सेवा बहाली जल्द की जाए।