‘आंखफोड़वा’ कांड के मरीजों को सरकार ने की पेंशन देने की घोषणा, मरीज बोले चेन्नई जाने का कोई लाभ नहीं

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इंदौर: सीएम कमलनाथ के आदेश मिलने के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट इंदौर के आंखफोड़वा कांड पीड़ितों से मिलने चोइथराम अस्पताल पहुंचे। मंत्री ने अस्पताल पहुंच कर मरीजों का हालचाल जाना। इनमें चेन्नई से लौटे 5 मरीजों के अलावा 3 मरीज शामिल हैं। सीएम कमलनाथ ने इनकी पेशन और जीवन यापन करने के लिए सुविधाएं महैय्या करान के निर्देश दिए हैं।
मरीजों का जीवन भर मुफ्त इलाज कराएगी सरकार
इंदौर के आई हास्पिटल में आंखे गंवाने वाले 15 मरीजों में से 8 लोगों की आंखों की रोशनी लौटने लगी है।चेन्नई के शंकर नेत्रालय से इलाज कराकर लौटे 5 मरीजों को चोइथराम नेत्रालय में भर्ती किया गया था और तीन मरीज पहले से भर्ती थे। इसके अलावा 7 मरीजों की रोशनी लौटने पर उन्हें पहले ही डिस्चार्ज कर दिया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि आर्टिफिशियल कॉर्निया लगाकर पांचों मरीजों की आंख बचा ली गई है। सीएम कमलनाथ के निर्देश पर चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने मरीजों से वन टू वन चर्चा की। उन्होंने कहा कि वे सीएम कमलनाथ को पूरी जानकारी दे रहे हैं साथ ही उन्होंने धार कलेक्टर को मरीजों के बीपीएल कार्ड, पेंशन, आवास की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों का जीवनभर मुफ्त इलाज सरकार कराएगी।मरीजों का कहना है कि उनकी आंखों में कुछ खास सुधार नहीं हुआ है। उनके चेन्नई भेजे जाने का कुछ खास फायदा नहीं हुआ। इंदौर आई हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर सुधीर महाशब्दे और अधीक्षक सुहास बांडे के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है लेकिन पुलिस ने अभी तक इन्हें गिरफ्तार नहीं किया है।