चांद की तीसरी कक्षा में पहुंचा चंद्रयान-2, इतिहास बनाने से बस कुछ कदम है दूर

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बेंगलुरुः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बुधवार को चंद्रयान-2 को सफलतापूर्वक तीसरी कक्षा में दाखिल करा दिया है। इसरो ने सुबह 9.04 पर चंद्रयान-2 को चांद की तीसरी कक्षा में डाला। अब चंद्रयान-2 चांद के चारों तरफ 179 किमी की एपोजी और 1412 किमी की पेरीजी में चक्कर लगाएगा और अगले 2 दिनों तक चंद्रयान-2 इसी ऑर्बिट में चक्कर लगाता रहेगा। इसके बाद 30 अगस्त को चंद्रयान-2 चांद की चौथी और 1 सितंबर को पांचवीं कक्षा में प्रवेश करेगा।

इससे पहले 20 अगस्त को चंद्रयान-2 को चांद की पहली कक्षा में सफलतापूर्वक पहुंचाया गया था। इसरो वैज्ञानिकों ने मंगलवार को चंद्रयान की गति को 10.98 किमी प्रति सेकंड से घटाकर करीब 1.98 किमी प्रति सेकंड किया था। चंद्रयान-2 की गति में 90 फीसदी की कमी इसलिए की गई थी ताकि वह चांद की गुरुत्वाकर्षण शक्ति के प्रभाव में आकर चांद से न टकरा जाए।

चंद्रयान-2 के आगे का शेड्यूल

  • 1 सितंबर तक तीन बार चांद के चारों तरफ अपनी कक्षा बदलेगा चंद्रयान-2
  • 2 सितंबर को यान से अलग हो जाएगा विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर
  • 3 सितंबर को विक्रम लैंडर के सेहत की जांच होगी। 4 सितंबर को चंद्रयान-2 चांद के सबसे नजदीक पहुंच जाएगा।
  • 7 सितंबर को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा चंद्रयान-2

बता दें कि 22 जुलाई को चंद्रयान-2 को श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से रॉकेट बाहुबली के जरिए प्र‍क्षेपित किया गया था। संभावना है कि 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-2 की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग को लाइव देखें।

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