एक माह में 3 बार बेच डाला दुष्कर्म पीड़िता का बच्चा, पढ़ें शातिरों ने कैसे रची थी साजिश

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लुधियाना(ऋषि):  दुष्कर्म पीड़िता के बच्चे को बहन को देने के बहाने ले जाने वाले सफाई कर्मचारियों ने एक माह के दौरान 3 जगह बेच डाला। इसका खुलासा आरोपी सुरजीत और जसवीर ने पुलिस कस्टडी में किया। इसके बदले में उन्हें 50 हजार रुपए मिले। आरोपियों ने इन बयानों में तीन युवकों और एक महिला नाम बताया है, जिनकी मदद से बच्चा इतनी दूर तक पहुंचा। विभागीय सूत्रों की माने को उक्त मामले में बच्चों की खरीद-फिरोख्त का बड़ा नेटवर्क सामने आने की आशंका है।

थाना डेहलों की पुलिस द्वारा दुष्कर्म पीड़िता के बच्चे को बेचने के मामले में मंगलवार को पुलिस की तरफ से सिविल अस्पताल में बच्चे का डी.एन.ए टैस्ट करवाने की प्रक्रिया करने के साथ साथ खून के सैंपल भी लिए गए, वहीं दूसरी तरफ सिविल अस्पताल के दोनों सफाई कर्मी व बच्चा आगे बेचने की डील करवाने वाली महिला को पुलिस ने फिर अदालत में पेश किया है, जहां पर 1 दिन का रिमांड लेकर गहनता से पूछताछ कर रही है।

एस.एच.ओ. मनजीत कौर ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि सिविल अस्पताल के सफाईकर्मी सुरजीत और सजवीर ने देखभाल के लिए बच्चों अपने पास ले लिया था। जिसके बाद उन्होंने कर्ण, अजीत और राज के साथ संपर्क साधा। अजीत की कपड़े की दुकान है और राज प्राइवेट गाड़ी चलाता है। दोनों सफाई कर्मियों को 50 हजार रुपए देकर बच्चा ले लिया। जिसके बाद देहरादून की रहने वाली महिला नीलम से संपर्क साधा और बच्चा खरीदने के चाहवान को ढूंढने को कहा। नीलम ने यू.पी. के रहने वाले एक परिवार से संपर्क साधा, जिन्हें बाद में फरान तीनों आरोपियों के साथ मिलाया। इस बात के तीनों आरोपियों ने उसे भी 50 हजार रुपए दिए और यू.पी. की पार्टी को बच्चा बेच दिया।

जब मामला पुलिस के ध्यान में आया तो पहले दोनों सफाई कर्मियों को दबोचा, जिनके बाद उनकी निशानदेही पर नीलम को पकड़ लिया। नीलम को पहले ही इस बात का पता चल गया था कि मामला पुलिस के ध्यान में आ चुका है,इसी के चलते वह घबरा गई और यू.पी. जाकर बच्चा वापिस ले आई। पुलिस के अनुसार पहले दर्ज मामले में बच्चे की तस्करी करने की धारा जोड़ी गई है। अब तक इस मामले में दुष्कर्म करने वाले चाचा सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है,जबकि 3 आरोपी फरार हैं। जिनके पकड़े जाने के बाद कई अहम खुलासे हो सकते है। वहीं दूसरी तरफ इस बात की भी गंभीरता से जांच की जा रही है कि सिविल अस्पताल के कर्मियों की तरफ से पहले भी ऐसा क्राइम किया गया है।