आतंकवाद के खिलाफ भारत को मिला फ्रांस का साथ, मैक्रों बोले-अन्य देश भी उठाएं कड़े कदम

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पेरिस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों और उनके वित्तय तथा बुनियादी ढांचे को खत्म करने के लिए विश्व के अन्य देशों से साथ मिल कर काम करने का अनुरोध किया। मोदी यहां फ्रांस की यात्रा पर पहुंचे है, जहां 24 अगस्त को वह जी-7 सम्मिट में भी भाग लेंगे। मोदी और मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों देशों ने अल-कायदा, दइश, इस्लामिक स्टेट, जैश-ए-मोहम्मद,लश्कर-ए-तैयबा आदी जैसे आतंकवादी संगठनों के दक्षिण एशिया और साहेल क्षेत्र में सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए अन्य देशों से साथ मिल कर काम करने का अनुरोध किया है। बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने विश्व भर में आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए भारत द्वारा प्रस्तावित वैश्विक सम्मेलन के शीघ्र आयोजन के लिए काम करने पर सहमति व्यक्त की।

मैक्रों ने ने कहा कि कश्मीर भारत का आतंरिक मुद्दा कोई अन्य इसमें हस्ताक्षेप न करे। मोदी ने इस साल जून में मालदीव की यात्रा के दौरान पहली बार आतंक पर एक वैश्विक सम्मेलन के प्रस्ताव को रखा था। दोनों नेता नोडल एजेंसियों और दोनों देशों की जांच एजेंसियों के बीच बेहतर सहयोग को आगे बढ़ाने तथा इंटरनेट कट्टरता को रोकने और नए सिरे से लड़ने के लिए नए प्रयासों की शुरुआत करने पर भी सहमत हुए। बयान के अनुसार, ‘‘मोदी और मैक्रो बहुपक्षीय मंच जैसे संयुक्त राष्ट्र, जीसीटीएफ, एफएटीएफ, जी 20 आदि में‘आतंकवाद विरोधी प्रयासों’को मजबूत करने पर सहमत हुए।

उन्होंने सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों से यूएनएससी प्रस्ताव 1267 और अन्य प्रासंगिक प्रस्तावों को लागू करने का आह्वान किया जिसमें आतंकवादी संगठनों को नामित किया गया था। इसके अलावा दोनों ने यूएन में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद (सीसीआईटी) पर व्यापक कन्वेंशन को जल्दी अपनाने पर नेताओं ने एक साथ काम करने पर सहमति व्यक्त की। इस दौरान दोनों नेताओं ने साझा रूप से कहा कि आतंकवाद को किसी भी आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता है और इसे किसी भी धर्म, पंथ, राष्ट्रीयता और जातीयता के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।” उल्लेखनीय है कि मोदी फ्रांस की दो दीन की यात्रा पर है जिसके बाद वह 24 अगस्त को आयोजित होने वाले जी-7 सम्मिट में भाग लेंगे।