गलती से CM पद की शपथ ले गए BJP विधायक, ऐसा था येदियुरप्पा का रिएक्शन

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बेंगलुरू: कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने के तीन सप्ताह के बाद बी. एस. येदियुरप्पा ने मंगलवार को अपनी मंत्रिमंडल में 17 मंत्रियों को शामिल किया। मंत्रियों के पद और गोपनीयता की शपथ के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि सीएम येदियुरप्पा का रिएक्शन भी काफी मजेदार रहा और इसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा रही। दरअसल जब भाजपा नेता और विधायक मधु स्वामी पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे थे, तभी उन्होंने गलती से बतौर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। मधु स्वामी जब शपथ ले रहे थे तो उन्होंने मंत्री पद कहना था लेकिन गलती से वह मुख्यमंत्री बोल गए। इस दौरान बीएस येदियुरप्पा भी वहां मौजूद थे। वे भी मधु स्वामी की उस गलती पर मुस्कुरा पड़े, इतना ही नहीं उन्होंने उनको गले भी लगाया।

Sandeep Dhar@sandeepdhar10

OOPS!!! MLA nearly became the 3rd CM of this year. 😳😅😂😂

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उल्लेखनीय है कि येदियुरप्पा के 26 जुलाई को मुख्यमंत्री बनने और 29 जुलाई को विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद यह पहला कैबिनेट विस्तार है। मुख्यमंत्री अभी तक कैबिनेट में अकेले थे जिसकी विपक्षी दल कांग्रेस और जद(एस) कड़ी आलोचना कर रहे थे। कैबिनेट में मंगलवार को शामिल मंत्रियों में 16 भाजपा से और एक निर्दलीय एच. नागेश हैं। राज्यपाल वजुभाई वाला ने यहां राजभवन में नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। कैबिनेट में शामिल मंत्रियों में पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार, दो पूर्व उपमुख्यमंत्री – के. एस. ईश्वरप्पा और आर. अशोक, निर्दलीय विधायक एच. नागेश, राज्य विधायिका में किसी भी सदन की सदस्यता नहीं रखने वाले लक्ष्मण शणगप्पा सावदी और विधान परिषद् के सदस्य कोटा श्रीनिवास पुजारी शामिल हैं।

जिन अन्य मंत्रियों को शपथ दिलाई गई उनमें गोविंद एम. कराजोल, अश्वथ नारायण सी. एन., बी. श्रीरामुलू, एस. सुरेश कुमार, वी. सोमन्ना, सी. टी. रवि, बासवराज बोम्मई, जे. सी. मधुस्वामी, सी. सी. पाटिल, प्रभु चवाण और शशिकला जोले अन्नासाहेब शामिल हैं। शशिकला कैबिनेट में एकमात्र महिला मंत्री हैं। कैबिनेट में शामिल अश्वथ नारायण, प्रभु चावण, मधुस्वामी और शशिकला जोले पहली बार मंत्री बने हैं। कैबिनेट विस्तार में लिंगायत समुदाय से सात मंत्रियों को शामिल किया गया है। येदियुरप्पा खुद भी इस समुदाय से आते हैं और इसे भाजपा का वोट बैंक माना जाता है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित लिंगायत समुदाय के आठ सदस्य हो गए हैं। मंत्रिमंडल में तीन सदस्य वोक्कालिंगा, तीन अनुसूचित जाति, दो ओबीसी तथा एक-एक अनुसूचित जनजाति एवं ब्राह्मण जाति से है। कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 34 मंत्री ही हो सकते हैं। इस विस्तार के बाद अब भी कैबिनेट मंत्रियों के 16 पद रिक्त हैं।