आज तक कोई छू भी नहीं पाया सुनील गावस्कर का वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाया यह रिकॉर्ड

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नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर को दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में शुमार किया जाता है। वजह है उनके वक्त के तमाम खतरनाक तेज रफ्तार गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी। भारत गुरुवार से विंडीज टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज की शुरुआत करने जा रहा है। इस टीम के खिलाफ लिटिल मास्टर ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जो आज तक अटूट है।

भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने जा रहे इस टेस्ट सीरीज में सबकी नजरें कप्तान विराट कोहली पर रहेगी। कोहली टीम इंडिया के नए रन मशीन बनकर सामने आए हैं वह लगातार सचिन तेंदुलकर के इंटरनेशनल रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते जा रहे हैं। कोहली के सामने गावस्कर का एक विराट रिकॉर्ड है जिसे तोड़ना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी।

आज तक नहीं छू पाया कोई गावस्कर का रिकॉर्ड

गावस्कर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट में कुल 13 शतक जमाए हैं। वेस्टइंडीज के खतरनाक तेज गेंदबाजों के खिलाफ गावस्कर का यह रिकॉर्ड बेहद खास है। आज तक दोनों देशों के बीच खेली गई सीरीज में कोई बल्लेबाज 7 से ज्यादा शतक नहीं जमा पाया और गावस्कर ने कुल 13 जड़े हैं।

सचिन भी रह गए गावस्कर से पीछें

इस लिस्ट में वेस्टइंडीज के धुरंधर बल्लेबाज रहे क्लाइव लॉयड 7 शतक के साथ दूसरे स्थान पर हैं। गावस्कर और लॉयड के बीच फासला 6 शतकों का है। शिवनरायण चंद्रपॉल ने भी कुल 7 शतक ही लगाए हैं। भारत की तरफ से इस लिस्ट में टीम इंडिया में ‘द वॉल’ के नाम से जाने जाने वाले पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ का नाम आता है। द्रविड़ ने 23 टेस्ट में कुल 5 शतक बनाए हैं। वीवीएस लक्ष्मण ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 4 जबकि सचिन ने 3 टेस्ट शतक बनाए हैं।

गावस्कर का औसत सबसे बेहतर

भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज में गावस्कर एक मात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिनका औसत 20 मैच खोलने के बाद भी 65 से उपर है। गावस्कर ने 27 टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ 65.45 की बेमिसाल औसत से रन बनाए हैं।

20 मुकाबले खेलने वाले बल्लेबाजों में गावस्कर के बाद चंद्रपॉल का है। उन्होंने भारत के खिलाफ 63.85 की बल्लेबाजी औसत से रन बनाए हैं।

चेन्नई में वेस्टइंडीज के खिलाफ बड़ी पारी

साल 1983 में गावस्कर के बल्ले से एक ऐसी पारी निकली थी जिसे टेस्ट इतिहास की बेहतरीन पारियों में गिना जाता है। चेन्नई में वेस्टइंडीज के खिलाफ गावस्कर ने दूसरी पारी में नाबाद 236 रन की पारी खेली थी। भारत ने गावस्कर की बेहतरीन पारी के दम पर पहली पारी 451 रन पर घोषित की थी। मैच ड्रॉ रहा लेकिन गावस्कर की यह पारी उनकी वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे बड़ी और यादगार पारी बन गई।

10 घंटे से ज्यादा की बल्लेबाजी

चेन्नई में गावस्कर ने वेस्टइंडीज के खतरनाक माने जाने वाले मैल्कम मार्सल और एंडी रॉबर्ट जैसे गेंदबाजों का सामना करते हुए 10 घंटे से ज्यादा बल्बेबाजी की। इस दौरान उन्होंने 425 गेंद ,का सामना किया। गावस्कर की इस नाबाद दोहरे शतक की पारी में कुल 23 चौके शामिल थे। भारतीय टीम ने इस मैच में कुल 160 ओवर खेले थे जिसमें से 70 से ज्यादा ओवर में गावस्कर ने अकेले ही बल्लेबाजी की थी।