इंदौर के युवाओं ने शहीद की पत्नी को गिफ्ट किया 10 लाख का मकान, कराया हथेली पर गृहप्रवेश

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इंदौर: इंदौर जिले के देपालपुर के पीरपीपलिया गांव के युवाओं ने स्वतंत्रता दिवस पर शहीद मोहनलाल सुनेर के परिवार को 27 साल बाद 10 लाख रुपए का पक्का घर उपहार में दिया। इसके लिए वन चेक फॉर शहीद अभियान चलाया और करीब 11 लाख रुपए एकत्रित किए। रक्षाबंधन के दिन सुनेर की पत्नी को हथेलियों पर पैर रखवाकर गृहप्रवेश कराया और राखी भी बंधवाई।

Sandeep Singh@SINGH_SANDEEP_

शहीद के परिवार का ऐसा सम्मान न देखा बेटमा गांव के युवाओं ने चंदा इकट्ठा कर बनवाया शहीद की बेवा और बच्चों के लिए घर, शहीद के सम्मान में गृहप्रवेश के लिए लोगों ने हथेली बिछा दी…
बमेटा युवाओं को कोटि कोटि प्रणाम
https://www.aninews.in/news/national/general-news/indore-on-i-day-martyrs-wife-gets-new-house-courtesy-village-youths20190815195857/ 

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दरअसल, बेटमा के पास पीरपीपलिया के रहने वाले मोहनलाल सुनेर दिसंबर 1992 में त्रिपुरा में उग्रवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। उनका परिवार अब तक झोंपड़ी में गुजर-बसर कर रहा था।अभियान के संयोजक विशाल राठी का कहना है कि मोहनलाल के परिवार को सरकार से कोई मदद नहीं मिली। उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया था। सुनेर की पत्नी को अपने दो बेटों को पालना मुश्किल हो रहा था। गांव के कुछ युवाओं ने उन्हें पक्का मकान देने के लिए एक अभियान चलाया जिसमें देखते ही देखते 11 लाख रुपये जमा हो गए।

शहीद सुनेर की प्रतिमा भी लगाई जाएगी
मोहनलाल की पत्नी राजूबाई ने बताया कि पति जब शहीद हुए, उस वक्त बड़ा बेटा 3 साल का था। वे 4 महीने की गर्भवती थीं। पति की शहादत के बाद दोनों बच्चों को पालने के लिए कड़ी मेहनत की और झोपड़ी में रहते हुए मजदूरी कर बच्चों को बड़ा किया। उनकी शहादत पर गर्व है। अब सुनेर का बड़ा बेटा राजेश बीएसएफ में कार्यरत है।

राठी के अनुसार, शहीद के परिवार के लिए 10 लाख रुपए में घर तैयार हो गया। एक लाख रुपए मोहनलाल की प्रतिमा के लिए रखे हैं। प्रतिमा भी लगभग तैयार है। इसे पीरपीपलिया मुख्य मार्ग पर लगाएंगे। जिस सरकारी स्कूल में उन्होंने पढ़ाई की, उसका नाम भी सुनेर के नाम पर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान से जुड़े सोहन लाल परमार ने बताया कि पैसा जुटाने में बेटमा ,सांवेर, गौतमपुरा, पीथमपुर, सागौर कनाड़िया, बड़नगर, हातोद, आगरा और महू क्षेत्र के लोगों ने सहयोग किया।