इस हिंदू BJP नेता की कलाई पर सजती है मुस्लिम बहन की राखी, 42 साल से जारी है ये सिलसिला

Whatsapp

ग्वालियर: मध्यप्रदेश में रक्षा बंधन की अनोखी मिसाल देखने को मिली है यहां एक कट्टर हिंदुवादी सोच रखने वाला हिंदू भाई मुस्लिम बहन से राखी बंधवाता है। यह सिलसिला एक नहीं दो नहीं बल्कि पूरे 42 साल से चलता आ रहा है। हम बात कर रहे हैं बीजेपी के कद्दावर नेता जयभान सिंह पवैया की। जिनकी कलाई पर मुस्लिम बहन जैनब पिछले कई सालों से राखी बांधती आई है। दोनों भाई बहन के बीच कच्चे धागे की ये मजबूत डोर बाबरी विध्वंस के वक्त भी नहीं टूटी। लोगों के भड़काने के बावजूद जैनब कहती हैं कि जब तक जान में जान हैं तब तक ये रिश्ता निभाउंगी।

जानकारी के अनुसार, राखी बांधने का यह सिलसिला 1976 में तब शुरु हुआ जब जयभान सिंह पवैया पढ़ाई करने के लिए चीनौर गांव से ग्वालियर आए थे। पवैया उन दिनों माधौगंज में बापू दंडी की गोठ में रहते थे, इस इलाके में ज्यादातर मुस्लिम परिवार बसे थे जयभान सिंह पवैया की देखभाल के लिए उनकी दादी ग्वालियर में ही रहने लगी। जयभान के कोई सगी बहन नहीं थी वे पांच भाई थे। एक दिन इसी मोहल्ले में रहने वाली मुस्लिम युवती जैनब खान दादी के पास पहुंची और इच्छा जताई कि वो जयभान सिंह की कलाई पर राखी बांधना चाहती हैं। जैनब की दादी ने परिवार के कट्टर हिन्दू होने की बात कही लेकिन जैनब नहीं मानी।

बात जयभान की दादी तक जा पहुंची। जयभान की दादी ने राखी का महत्व समझाते हुए कहा कि यह रिश्ता निभाना आसान नहीं होगा। लेकिन जैनब नहीं मानी और कहा कि, ‘दादी मैं आपको वचन देती हूं कि मैं अपने सगे भाईयों को धोखा दे सकती हूं लेकिन जयभान को कभी दगा नहीं दूंगी।’ जेनब की बात सुनकर दादी ने इजाजत दी और राखी बांधने का सिलसिला  शुरु हो गया। 1977 में पहली बार जेनब ने जयभान की कलाई पर राखी बांधी। 42 साल से जेनब और जयभान कच्चे धागे की मजबूत डोर में बंधे हैं। राखी हो या भाई दूज जैनब कभी अपने भाई के यहां नहीं भूलती।

बाबरी ढांचा गिराने के वक्त ऐसा रहा रिश्ता
इस रिश्ते में एक मजबूत कड़ी तब देखने को मिली जब 1992 में बाबरी ढांचा गिराने में शामिल  पवैया को आरोपी बनाया गया। उसके समाज के लोगो ने जैनब को जयभान से रिश्ता तोड़ने के लिए कहा लेकिन जैनब ने कहा कि जब तक उनकी सांसे है, भाई जयभान की कलाई पर राखी बांधेगी और ये रिश्ता बदस्तूर निभाएगी।

पेश की अनोखी मिसाल
1993 में बाबरी मस्जिद ढहने के बाद बापू दंडी की गोठ स्थित उनके घर पर सीबीआई की रेड पड़ी। सैंकड़ों पुलिस कर्मियों ने पवैया के घर पर दबिश दी। पवैया की अनुपस्थिति में उनके घर सैकड़ों पुलिस कर्मियों की रेड पड़ी। लेकिन जैनब खबर लगी तो वो पवैया के दरवाजे पर बैठ गई और सीबीआई अफसरों को आधे घंटे तक अंदर नहीं घुसने दिया। जब पवैया के परिवार वालों ने उसे को समझाया तब सीबीआई अंदर तलाशी ले पाई थी

जैनब आज 70 साल से ज्यादा उम्र की हो चुकी है। लेकिन यह सिलसिला बिना रुके आज तक चलता आया है। उनके चार बेटे हैं सबसे छोटा बेटा साथ में रहता है जैनब का परिवार बेहद गरीब है लेकिन खुद्दार बहुत है। पवैया ने सांसद और मंत्री रहते हुए उनसे कई बार घर बनाकर देने की पेशकश की लेकिन जैनब ने इंकार कर दिया।