प्रधानमंत्री की जनसंख्या नियंत्रण सहित इन 3 बातों का चिदंबरम ने किया स्वागत नई दिल्लीः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संबोधन की तीन बातों का शुक्रवार को स्वागत किया जिनमें जनसंख्या नियंत्रण प्रमुख है। चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, ” हम सभी को स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की ओर से कही गई तीन बातों का स्वागत करना चाहिए।” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चिदंबरम ने मोदी की इन तीन बातों का उल्लेख करते हुए कहा, ”छोटा परिवार होना देशभक्तिपूर्ण कर्तव्य है। पूंजी का सृजन करने वालों का सम्मान होना चाहिए। एक बार इस्तेमाल हो चुके प्लास्टिक का उपयोग नहीं होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि पहली और तीसरी बात (जनसंख्या नियंत्रण और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना) को जन आंदोलन का रूप लेना चहिए। पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने यह भी कहा, ”मैं आशा करता हूं कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनके कर अधिकारियों एवं जांच अधिकारियों ने प्रधानमंत्री की दूसरी बात (पूंजी सृजन करने वालों का सम्मान) को स्पष्ट रूप से सुना होगा।” उन्होंने यह टिप्पणी ‘कैफे कॉफी डे’ के संस्थापक वी जी सिद्धार्थ की खुदकुशी की घटना और कुछ उद्योगपतियों द्वारा कर अधिकारियों पर कथित उत्पीड़न के आरोप के संदर्भ में की।

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नई दिल्लीः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए संबोधन की तीन बातों का शुक्रवार को स्वागत किया जिनमें जनसंख्या नियंत्रण प्रमुख है।

चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, ” हम सभी को स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की ओर से कही गई तीन बातों का स्वागत करना चाहिए।” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चिदंबरम ने मोदी की इन तीन बातों का उल्लेख करते हुए कहा, ”छोटा परिवार होना देशभक्तिपूर्ण कर्तव्य है। पूंजी का सृजन करने वालों का सम्मान होना चाहिए। एक बार इस्तेमाल हो चुके प्लास्टिक का उपयोग नहीं होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि पहली और तीसरी बात (जनसंख्या नियंत्रण और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना) को जन आंदोलन का रूप लेना चहिए।

पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने यह भी कहा, ”मैं आशा करता हूं कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनके कर अधिकारियों एवं जांच अधिकारियों ने प्रधानमंत्री की दूसरी बात (पूंजी सृजन करने वालों का सम्मान) को स्पष्ट रूप से सुना होगा।” उन्होंने यह टिप्पणी ‘कैफे कॉफी डे’ के संस्थापक वी जी सिद्धार्थ की खुदकुशी की घटना और कुछ उद्योगपतियों द्वारा कर अधिकारियों पर कथित उत्पीड़न के आरोप के संदर्भ में की।