रजनीकांत के ‘कृष्ण-अर्जुन’ वाले बयान पर ओवैसी का तंज, क्या देश में महाभारत कराना चाहते हैं

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नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 को हटाने के केन्द्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत ने कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रशंसा करते हुए उन्हें महाभारत के कृष्ण और अजुर्न की संज्ञा दी थी। इस पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने चुटकी ली है।  इस पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि अगर शाह और मोदी कृष्ण-अर्जुन हैं तो ऐसे में कौरव और पांडव कौन हैं? साथ ही ये भी पूछा है कि क्या वो इस देश में महाभारत करवाना चाहते हैं?

कश्मीरियों से प्यार नहीं करती सरकार
इसके साथ ही ओवैसी ने केंद्र की मोदी सरकार के लिए कहा है कि मैं जानता हूं कि ये सरकार कश्मीर से प्यार करती है। लेकिन कश्मीरियों से नहीं। इस सरकार को वहां की जमीन से प्यार है, लेकिन वहां पर रहने वाले लोगों से नहीं।

सरकार केवल सत्ता को चाहती है
इसके साथ ही ओवैसी ने ये भी कहा है कि ये सरकार केवल सत्ता को चाहती है न्याय को नहीं। ये सरकार केवल अपनी सत्ता को काबिज रखना चाहती है। लेकिन में उनको ये याद दिलाना चाहता हूं कि कोई भी हमेशा के लिए न तो जीता है और न ही राज कर सकता है।

मोदी में नहीं है नेहरू पटेल जैसी समझ
ओवैसी ने ये भी कहा कि जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल जैसी संवैधानिक और राजनीतिक समझ पीएम मोदी में नहीं है। जब नेहरू और पटेल ने कश्मीर पर फैसला लिया था वो देशहित में था और श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भी इसका अनुसरण किया था।