मंदसौर में भारी बारिश से 3500 लोगों को राहत कैंप में पहुंचाया, सेल्फी ले रहे प्रोफेसर का परिवार बाढ़

मंदसौर: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में मंगलवार को रात भर हुई बारिश के बाद मल्हारगढ़ तहसील के कई गांव पानी में डूब गए हैं तो वहीं मंदसौर में उफनती शिवना नदी में एक प्रोफेसर का पूरा परिवार वह गया। वहीं, पत्नी का शव तो मिल गया पर बच्ची की तलाश अभी जारी है। भारी बारिश की वजह से जलमग्न हुए कई गांवों में से 3500 से ज्यादा लोगो को एनडीआरएफ की टीम ने निकालकर राहत कैंपों में पहुंचाया है। भारी बारिश से पशुपतिनाथ मंदिर में कमर तक पानी भर गया है

जानकारी के मुताबिक तेज बारिश के बाद कर्मचारी कॉलोनी के समीप पुलिया उफान पर थी। प्रोफेसर आई डी गुप्ता बाढ़ के हालात को देखने अपनी पत्नी और बेटी के साथ उफनी पुलिया को देखने गए थे। बाढ़ के पानी के बीच खड़े होकर पूरा परिवार सेल्फी लेने लगा। इसी दौरान पानी के तेज बहाव आया और प्रोफेसर सहित पूरा परिवार बह गया। उनकी चीखें सुनकर आसपास के लोगों ने किसी तरह प्रोफेसर गुप्ता को तो बचा लिया लेकिन उनकी पत्नी बिन्दू की डूबने से मौत हो गई। जबकि प्रोफेसर की बेटी श्रुति का अभी तक कुछ भी पता नहीं चल पाया है, उसकी तलाश जारी है।

रातभर हुई तेज बारिश के बाद शिवना नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद पानी पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचा, जहां शिवना नदी ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। बरसात के इस मौसम में यह दूसरी बार हुआ है जब शिवना नदी का पानी गर्भगृह तक पहुंचा है। लगातार पूरी रात से जारी बारिश की वजह से गांव बादरी, गुजरदा, बाजखेड़ी, जूना, हेडा, काचरिया, चंद्रावत, हेदरवास जलमग्न हो गए हैं। तेज बारिश के बाद कलेक्टर मनोज पुष्प ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ और मंदौसर तहसील के स्कूलों की बुधवार को छुट्टी घोषित की।

नाले को पार करते बहा युवक
तेज बारिश के बाद विधायक यशपालसिंह सिसोदिया के निवास पर भी पानी घुसा। गांव थडोद नई आबादी क्षेत्र में लोग छतों पर चढ़कर पानी से बचे। नाहरगढ़ के भूखी गांव, लुनाहेड़ा, बैलारा और देवरी के बीच का तालाब टूट गया है, जिसमें बापूलाल धाकड़ निवासी बड़वन के नाले में बहने की खबर मिली है।