अनुसूचित जाति व जनजाति के व्यक्ति के विरूद्ध प्रताड़ना सही पाये जाने पर अपराधी को सजा दिलाने का प्रयास किया जाये-कलेक्टर श्री सुमन

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राष्ट्र चंडिका छिन्दवाड़ा. कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन की अध्यक्षता में गत दिवस कलेक्टर कार्यालय के मिनी संवाद कक्ष में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में समिति के सदस्यगण  सोहन बेलवंशी, मनोज चौरे, डॉ.पी.आर.चंदेलकर, मोरेश्वर मर्सकोले व राजेन्द्र भगते के साथ ही सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री एन.एस.बरकड़े, उप संचालक अभियोजन जी.के.हालदार, विशेष लोक अभियोजक श्री मो.आरीफ खान, प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र आर.एस.उईके, जिला योजना अधिकारी  यशवंत वैद्य, थाना प्रभारी अनुसूचित जाति कल्याण थाना श्रीमती रश्मि जैन, सहायक संचालक आदिवासी विकास सी.के.दुबे और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री सुमन ने बैठक में निर्देश दिये कि अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के व्यक्तियों के विरूद्ध घटित होने वाले अपराधों में यह देखना आवश्यक है कि व्यक्तियों द्वारा आवेग में कोई घटना घटित की गई है या वास्तविक रूप से कोई घटना घटित हुई है। यदि अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के व्यक्ति के विरूद्ध सही प्रताड़ना हुई है तो यह प्रयास किया जाये कि अपराधी को सजा मिले। हिंसा, प्रतिहिंसा, आगजनी आदि घटनाओं में बचाव होना चाहिये। यदि ग्रामों को विवादमुक्त रखा जाये और अनुसूचित जाति व जनजाति समुदाय के सकारात्मक विकास पर ध्यान दिया जाये तो इसके अच्छे परिणाम सामने आयेंगे और इन वर्गों का समुचित विकास हो सकेगा। किसी भी अपराध या घटना के संवेदनात्मक पहलुओं को देखा जाना आवश्यक है जिससे समाज में एक सकारात्मक व बेहतर वातावरण बन सके।
बैठक में कलेक्टर श्री सुमन ने जाति प्रमाण पत्र के अभाव में चालान पेश नहीं होने की जानकारी मिलने पर ऐसे प्रकरणों को समय सीमा की बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये जिससे संबंधित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के माध्यम से समय पर जाति प्रमाण पत्र बनवाये जाने की कार्यवाही की जा सके। उन्होंने थाना पांढुर्णा, सौंसर, कुंडीपुरा, चौरई, देहात, कोतवाली, चांदामेटा, उमरेठ, जुन्नारदेव और लावाघोघरी के आपराधिक प्रकरणों में संबंधित व्यक्ति के दस्तावेज पूर्ण पाये जाने पर एक सप्ताह के भीतर जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। दबंग व्यक्तियों द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों की भूमि पर कब्जा किये जाने के प्रकरणों में राजस्व और पुलिस विभाग को संयुक्त कार्यवाही कर कब्जा वापस दिलाने और पात्र हितग्राहियों को प्रतिमाह यात्रा भत्ता देने के लिये भी कहा। उन्होंने जाति प्रमाण पत्र और दबंग व्यक्तियों द्वारा भूमि पर कब्जा किये जाने के प्रकरणों में संबंधित विभाग को भेजे गये पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी भेजने के निर्देश भी थाना प्रभारी अनुसूचित जाति कल्याण थाना को दिये।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री बरकड़े ने बैठक में बताया कि एक जनवरी से 31 अगस्त तक दर्ज 148 प्रकरणों में से 116 प्रकरणों में संबंधित न्यायालय में चालान प्रस्तुत किये जा चुके है और विवेचना में 32 प्रकरण लंबित है। चालान प्रस्तुत किये जाने पर अनुसूचित जाति के 56 हितग्राहियों को 63.25 लाख रूपये और अनुसूचित जनजाति के 60 हितग्राहियों को 70 लाख रूपये की राहत राशि प्रदाय की जा चुकी है। साथ ही यात्रा भत्ता और भरण-पोषण की राशि प्रतिमाह प्रदाय की जा रही है। उप संचालक अभियोजन श्री हालदार ने अभियोजन से संबंधित मामलों की जानकारी देते हुये बताया कि आलोच्य अवधि में 5 अपराधियों को सजा हुई है। उन्होंने बताया कि मामलों में गवाहों के होस्टाईल होने अथवा पक्षकारों द्वारा आपस में राजीनामा कर लेने से सजा के प्रतिशत में कमी आ जाती है।